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केंद्र सरकार द्वारा जारी नियमों को ध्यान में रखकर की जा रही है जांच व स्क्रींनिंग
रांची: राज्य में आए प्रवासी श्रमिकों और हिंदपीढ़ी के लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट शुक्रवार को राज्य सरकार ने कोर्ट में पेश किया. सरकार की ओर से जानकारी दी गयी कि केंद्र सरकार द्वारा जारी नियमों को ध्यान में रखकर कोरोना की जांच और स्क्रीनिंग की जा रही है.
महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि 26 मई तक 431711 प्रवासी श्रमिक झारखंड पहुंचे हैं. जिन प्रवासी श्रमिकों में कोरोना के लक्षण पाये जा रहे हैं उन्हें क्वारंटाइन सेंटर भेजा जा रहा है. शेष को होम क्वारंटाइन किया जा रहा है.
झारखंड पहुंचे 431711 प्रवासी श्रमिकों में से 29645 का सैंपल लिया गया. इसमें 29366 का रिपोर्ट निगेटिव मिला है और 279 श्रमिक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं.
हिंदपीढ़ी के कंटेनमेंट जोन में 7150 घर हैं. 25 मई तक 38643 लोगों की स्क्रीनिंग की गयी. 8,440 लोगों के सैंपल लिए गए. इनमें 8368 की रिपोर्ट निगेटिव मिली, जबकि 72 पॉजिटिव पाए गए थे.
महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि 27 मई तक पूरे राज्य में 53672 लोगों की सैंपल की जांच की गयी. इसमें 53435 की रिपोर्ट निगेटिव और 437 पॉजिटिव पाए गए हैं. सरकार जांच तेजी से कर रही है और सभी मानकों का पालन कर रही है.
इस पर अमेकस क्यूरी (कोर्ट को सहयोग करने के लिए नियुक्त वकील) ने कहा कि सरकार ने अपने शपथपत्र में ऐसा कोई प्लान नहीं दिया है जिससे यह पता चले की भविष्य की योजना क्या है.
उन्होंने अदालत से कहा कि चीन में लैब से बाहर भी कोरोना का संक्रमण फैलने की बात आयी है, झारखंड में इसके लिए क्या किया जा रहा है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है.
महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार परे देश में काम हो रहा है. इस पर कोर्ट ने कहा कि सरकार निर्धारित मानकों और नीति के अनुसार काम कर रही है. इसमें अनावश्यक हस्तक्षेप करना उचित नहीं है.
अदालत ने अमेकस क्यूरी को अपने सुझाव देने का निर्देश देते हुए सुनवाई एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी.

