नई दिल्ली: दुनियाभर में फैला कोरोना वायरस अब अपने नए स्ट्रेन के कारण फिर से लोगों को डरा रहा है. दुनिया के वैज्ञानिकों का मानना है कि यह नया स्ट्रेन काफी तेजी से प्रजनन कर रहा है. सिर्फ इतना ही नहीं यह नए स्ट्रेन इतनी तेजी से प्रजनन कर रहे हैं कि वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ती जा रही है.
नए स्ट्रेन की इस एक्टिवनेस से लोग पुराने कोरोना वायरस की तुलना में ज्यादा संक्रामक माना जा रहा है. ब्रिटेन में मिला नया कोरोना स्ट्रेन पुराने वायरस से कहीं ज्यादा एक्टिव देखा गया है और एक नई स्टडी के अनुसार इस नए स्ट्रेन में पुराने वायरस के मुकाबले बहुत ज्यादा अंतर है.
नए स्ट्रेन को लेकर लंदन इंपीरियल कॉलेज के प्रोफेसर एक्सेल गैंडी ने चेताते हुए बताया है कि इस नए कोरोना वायरस स्ट्रेन में प्रजनन (Reproduction) की गति 1.1 से 1.3 के बीच है. जबकि, वैज्ञानिक नए स्ट्रेन प्रजनन की गति को 0.6 से 1.0 के नीचे रहने की उम्मीद करते आ रहे हैं लेकिन इसका उल्टा ही हो रहा है. इस बारे में प्रो. एलेक्स बताते हैं कि यह कोरोना वायरस में हुआ अब तक का सबसे बड़ा और खतरनाक बदलाव है और इसी वजह से यह तेजी से बढ़ता जा रहा है.
बीबीसी की एक रिपोर्ट में प्रो. एलेक्स ने बताया है कि वैज्ञानिक नए कोरोना स्ट्रेन के इस प्रजनन (Reproduction) को R Number भी कहते हैं. जबकि स्ट्रेन को लेकर इंपीरियल कॉलेज के एक शोध में खुलासा हुआ है कि नवंबर माह में इंग्लैंड में फैला नया कोरोना स्ट्रेन वायरस तीन गुना तेजी से फैला था जबकि वायरस एक तिहाई से कम फैला है और इसी वजह से यूरोपीय देशों में ज्यादा लोग संक्रमित हो रहे हैं.

