रांची: झारखंड के छह जिलों में शनिवार को कोरोना टीकाकरण का ड्राई रन का काम प्रारंभ किया गया. मॉक ड्रिल में वैक्सीनेशन को लेकर रिहर्सल में आयी कठिनाईयों को तुरंत दूर किया गया.
रांजधानी रांची के सदर अस्पताल समेत तीन स्थानों पर कोरोना टीका का ड्राई रन किया गया. डब्ल्यूएचओ की टीम के निगरानी में हुए मॉक ड्रील में टीकाकरण में आने वाली चुनौतियों का पता लगाने की कोशिश की गयी. ट्रॉयल के लिए केंद्र में तीन रूम बनाये गये थे. जहां सबसे पहले रूम में टीका लेने वालों का निबंधन कराया गया, दूसरे रूम में टीकाकरण देने का मॉक ड्रिल पूरा किया गया और तीसरे कमरे में टीका लेने वाले को कम से कम आधे घंटे और सामान्य तौर पर 50 मिनट पर नजर बनाये रखा गया.
इस दौरान किसी को दिक्कत आने पर उसे तत्काल कैसे चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी, इसका भी ट्रॉयल पूरा किया गया. तबीयत खराब होने की स्थिति में तत्काल मरीज को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस वार्ड में ले जाया गया, जहां उन्हें ऑक्सीजन और अन्य सुविधा उपलब्ध करायी गयी. टीकाकरण के लिए बूथ अस्पताल के ही निकट बनाया गया था और भविष्य में भी ऐसा होगा, इसलिए मरीज को तुरंत बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध करा दी गयी.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह जानकारी दी गयी है कि केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए मॉक ड्रिल पूरा किया गया. रांची के उपायुक्त छवि रंजन भी मौके पर पहुंचे और ट्रायल जायजा लिया. इस दौरान किस तरह से मरीज को वैक्सीन देने के लिए ले जाया गया और किस तरह की कठिनाई आयी, इसका पूरा पालन किया गया. रांची के अलावा पूर्वी सिंहभूम, चतरा, पलामू, सिमडेगा और पाकुड़ जिले में भी ड्राई रन किया गया.

