नई दिल्ली:- कोरोना का असर कम होने और शासन से निर्देश के बाद अब अस्पतालों में बिना कोविड जांच के भी इलाज मिल सकेगा. केजीएमयू में जिन रोगियों को सर्दी-जुकाम, बुखार नहीं है, उन्हें बिना कोरोना रिपोर्ट के देखा जाएगा. वहीं, एसजीपीजीआई एक मार्च से ओपीडी शुरू करने का ऐलान कर चुका है.
कोरोना मरीजों की संख्या गिरने के बाद शासन ने ओपीडी चलाने के निर्देश दिए हैं. केजीएमयू, लोहिया संस्थान, एसजीपीजीआई सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों एवं अस्पतालों को पहले की तरह सामान्य तरीके से इलाज करने को कहा गया है. यह भी कहा गया है कि कोविड के मरीजों के लिए अलग से वार्ड बना लिया जाए.
इसके तहत केजीएमयू में अब मानसिक रोग विभाग में चलने वाले होल्डिंग एरिया को खत्म करने की कवायद शुरू कर दी गई है.ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि ट्रॉमा के सामने अलग से रिसेप्शन बनाया गया है. मरीज आने के बाद यहां जरूरत के हिसाब से कोरोना जांच कराई जाएगी. फिर उसे संबंधित विभाग में भेजा जाएगा.
सुपर स्पेशिएलिटी में 100, अन्य में दो सौ मरीज देखेंगे शासन के निर्देश के बाद केजीएमयू प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से ओपीडी शुरू करने का फैसला लिया है. अभी यहां ओपीडी में सीमित मरीज देखे जा रहे थे. इसके लिए मरीजों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ कोविड की जांच करानी पड़ती थी. वहीं, सुपर स्पेशिएलिटी वाले विभागों में 75 मरीज देखे जा रहे थे, जिसे बढ़ाकर 100 कर दिया गया है.
अन्य विभागों में 100 की जगह 200 मरीज देखे जाएंगे. केजीएमयू के मीडिया प्रभारी डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि मरीजों को ग्रीन और रेड दो जोन में बांट कर देखा जाएगा. जिनमें सर्दी, जुकाम, बुखार सहित अन्य कोरोना से मिलते लक्षण दिखेंगे, उन्हें कोविड की जांच करानी होगी. जिनमें कोई लक्षण नहीं होगा, उन्हें ओपीडी में बिना कोरोना जांच रिपोर्ट के इलाज मिलेगा. हालांकि, किसी तरह की सर्जरी, इंडोस्कोपी के लिए कोरोना की जांच रिपोर्ट देनी पड़ेगी.
रेफरल केंद्र को दो हिस्से में बांटकर शुरू होगा इलाज लोहिया संस्थान के हॉस्पिटल और सुपर स्पेशिएलिटी ब्लॉक में मरीजों का इलाज चल रहा है. शहीद पथ स्थित मातृ शिशु रेफरल हॉस्पिटल में अभी तक कोविड अस्पताल चल रहा है. अब इसे दो हिस्से में बांट दिया जाएगा. एक में कोविड के मरीज रहेंगे तो दूसरे हिस्से में सामान्य मरीज. संस्थान के मीडिया प्रभारी डॉ. श्रीकेश सिंह ने बताया कि रेफरल केंद्र के दूसरे हिस्से में जल्द स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, पीडियाट्रिक सर्जरी और इंडोक्राइन सर्जरी विभाग की ओपीडी और मरीज भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

