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‘बजट 2021’ पर सीटू की प्रतिक्रिया- मंहगाई और बेरोजगारी बढ़ाने वाला कॉरपोरेट परस्त बजट

by bnnbharat.com
February 1, 2021
in समाचार
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रांची: आज वित्त मंत्री द्वारा संसद में पेश किया गया युनियन बजट भाजपा सरकार के उदारीकरण और निजीकरण की नीतियों का ही विस्तार है. वित्तमंत्री ने कलाबाजी दिखाते हुए एक ओर पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स कम किए जाने की घोषणा की.

वहीं दुसरी ओर कृषि के आधारभूत ढांचे के विकास के नाम पर डीजल और पेट्रोल पर 2.5 प्रतिशत सेस लगाए जाने का प्रस्ताव रखा है. जिसके अंतर्गत पेट्रोल पर 2 रु 50 पैसे एवं डीजल पर 4रु प्रति लीटर अतिरिक्त शेष का भूगतान उपभोक्ताओं को करना होगा.

बजट में विनिवेश और निजीकरण की नीतियों को आगे बढ़ाते हुए सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों समेत एक जेनरल इन्सुरेंस कंपनी के निजीकरण का प्रस्ताव रखा गया है. इसके अलावा बीमा क्षेत्र में 74 प्रतिशत एफडीआई लाने की घोषणा की गयी है. इसका लाभ देशी-विदेशी बीमा कंपनियों को ही होगा और हमारी सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम बर्बाद हो जायेगी.
वित्तमंत्री ने विनिवेश से 2लाख 10 हजार करोड़ रू जूटाने का लक्ष्य तय किया है यानि पब्लिक सेक्टर को और कमजोर किया जायेगा.

बजट में टैक्स में किसी तरह के राहत का एलान नहीं किया गया है और लघु व सुक्ष्म उद्योगों (एमएसएमई) के लिए मात्र 15 हजार 7सौ करोड़ रू ही दिए जाने की घोषणा की गई है, जो छोटे उद्योगों में जान फूंकने की मोदी सरकार की ढपोरशंखी घोषणा के विपरीत है.

वित्तमंत्री ने बजट प्रावधानों मे एक खतरनाक परिपाटी शुरू किए जाने का प्रस्ताव दिया है, जिसके अंतर्गत देश के कंपनी एक्ट के प्रावधानों को दरकिनार कर एनआरआई को यहां कंपनी बनाने और मात्र एक व्यक्ति द्वारा भी कंपनी खोले जाने को मंजूरी दिए जाने का प्रस्ताव रखा गया है.

इसी प्रकार राष्ट्रीय राजमार्ग का मोनेटाइजेसन यहां की संड़को को पूरी तरह कॉरपोरेट घरानों को सौंपने की तैयारी है. बजट भाषण में नए सैनिक स्कूलों को खोलने और पहले से चल रहे सैनिक स्कूलों को गैर सरकारी संगठनों के हवाले करने की घोषणा उचित नहीं है.

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बजट में राशि बढ़ाने की घोषणा की गई है, लेकिन यह पहले किया गया होता तब कोविड से इतनी मौत नहीं हुई होती. कुल मिलाकर यह बजट कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाला, बेरोजगारी बढ़ाने वाला और देश के कॉरपोरेट घरानों को ही लाभ पहुंचाने वाला बजट है.

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