नई दिल्ली: विपक्षी दलों ने नए नागरिकता कानून पर सरकार पर जमकर हमला बोला है. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून लागू होने से देश खतरनाक तरीके से गृहयुद्ध जैसे हालात की ओर बढ़ रहा है. विपक्षी दल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर दोनों सदनों में संशोधन प्रस्ताव लाने की तैयारी में है.
प्रस्ताव में वह नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर राष्ट्रपति की टिप्पणी को निकालने की मांग करेंगे. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सरकार ने सीएए को राष्ट्रपति के अभिभाषण में शामिल कर राष्ट्रपति कार्यालय की प्रतिष्ठा गिराई है. सीएए को उपलब्धि बताना शर्मनाक है.
उन्होंने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बना कर वहां विकास हुआ है, लेकिन यह वहां की जनता के साथ क्रूर मजाक है. इसके लिए केंद्र को माफी मांगनी चाहिए. उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति ने दोनों सदनों के संयुक्त अभिभाषण में सीएए को ‘ऐतिहासिक’ करार दिया है.

