अगरतला: पत्नी की हत्या के दो अलग-अलग मामलों में दो लोगों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. हालांकि, आश्चर्य की बात यह है कि एक मामले में आरोपी के पिता ने अपने बेटे के खिलाफ अपनी बहू की हत्या का मामला दर्ज कराया था. लेकिन बाद में उन्होंने अदालत में अपना बयान बदल दिया. शनिवार को त्रिपुरा के गोमती जिला और सत्र न्यायालय और खोवाई जिला और सत्र न्यायालय के न्यायाधीशों ने ये दो फैसले दिए.
गौरतलब है कि गोमती जिला के अमरपुर उप-मंडल के रंगामाटी क्षेत्र निवासी संजीत दास ने 25 सितम्बर, 2018 की रात करीब 10 बजे अपनी पत्नी भुलुरानी दास को बुरी तरह पीटाई किया था. जिसके चलते उसे गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था. संजीत दास के पिता मनोरंजन दास ने अपने बेटे के खिलाफ अमरपुर पुलिस थाने में अपनी बहू की हत्या करने का मामला दर्ज कराया था. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और उसकी गिरफ्तारी के बाद संजीत दास को अदालत में पेश किया.
लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के संदर्भ में अदालत ने संजीत दास को दोषी ठहराते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (1) के तहत आजीवन कारावास के साथ 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया. पैसे नहीं देने पर 06 महीने की और कठोर कारावास भुगतना होगा. इसके अलावा, अदालत ने उसे धारा 498 (ए) के तहत 3 साल की कैद और 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. सरकारी वकील ने कहा कि दोनों सजा एक साथ चलेंगे. दूसरे मामले में सीआरपीएफ जवान को अपनी पत्नी की हत्या के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई गई है.
08 अप्रैल, 2017 को खोवाई जिला के तेलियामुरा उप-मंडल के गौरंगटीला क्षेत्र के निवासी सीआरपीएफ जवान अखिल दास ने अपनी पत्नी सीमा दास की हत्या कर आत्महत्या साबित करने की कोशिश की थी. लेकिन, मृतका के माता-पिता नहीं माने और थाने में दामाद के खिलाफ मामला दर्ज कराया. मृतक के पिता स्वपन दास के अनुसार, उनकी बेटी की हत्या कर दी गई थी और उसे आत्महत्या कह कर नाटक रचाया गया था. पुलिस जांच में इस बात के सबूत मिले कि महिला की हत्या की गयी है. क्योंकि, शव परीक्षण रिपोर्ट में हत्या साबित हुआ था.
साक्ष्यों की रोशनी में अदालत ने अखिल दास को सजा सुनाई है. पुलिस ने मामले में सबसे पहले अखिल दास को गिरफ्तार किया. हालांकि, बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था. इस बीच, पुलिस ने घटना की जांच की और अदालत में चार्जशीट प्रस्तुत किया. लंबी सुनवाई और सबूतों की रोशनी में अदालत ने अखिल दास को दोषी पाया. इस मामले में 26 गवाहों की गवाही दर्ज करायी गयी थी. खोवाई जिला और सत्र न्यायाधीश की अदालत के न्यायाधीश ने शनिवार को अखिल दास को अपनी पत्नी की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने उस पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी सुनवाया. भुगतान न करने पर न्यायाधीश ने उसे अतिरिक्त एक वर्ष जेल की सजा भुगतनी होगी.

