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शवों से नहीं होता कोविड-19 का संक्रमण: BMC

by bnnbharat.com
May 19, 2020
in समाचार
शवों से नहीं होता कोविड-19 का संक्रमण: BMC
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मुंबईः बृहन्मुंबई नगर निगम ने मंगलवार को बम्बई उच्च न्यायालय में कहा कि शवों के माध्यम से कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं फैलता और अधिकारी कोविड-19 से जान गंवाने वालों के शवों का निपटान करते समय, सभी निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं.

उप नगर बांद्रा के लोगों के एक समूह की ओर से दायर याचिका पर जवाब देते हुये बीएमसी ने अदालत में हलफनामा दायर किया. बांद्रा के लोगों ने अपनी याचिका में बांद्रा कब्रिस्तान में कोविड-19 पीड़ितों के शवों को दफनाने पर रोक लगाने की मांग की थी.

यह याचिका प्रदीप गांधी और अन्य ने दायर की और दावा किया कि लोगों को इस बात का भय है कि अगर शवों का उचित तरीके से निस्तारण नहीं किया गया तो वायरस का सामुदायिक प्रसार हो सकता है.

हलफनामा दायर करने वाले बीएमसी के सहायक चिकित्सा अधिकारी दीपक चह्वाण ने बताया, ‘शवों से कोविड-19 के संक्रमण का प्रसार नहीं होता है.’

यह हलफनामा मंगलवार को अदालत की एक पीठ के समक्ष दायर किया गया. इस पीठ की अगुवाई न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता कर रहे थे. पीठ इस मामले में अब बुधवार को सुनवाई करेगी.

हलफनामे में कहा गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस से संक्रमित मृत शरीर के सुरक्षित निपटान के लिए संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण से संबंधित दिशानिर्देश जारी किए हैं.

इसमें कहा गया है, ‘दिशानिर्देश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इबोला वायरस और हैजा जैसे, रक्तस्रावी बुखार के मामलों को छोड़कर, आमतौर पर मृत शरीर संक्रामक नहीं होते हैं. इन्फ्लूएंजा महामारी से प्रभावित रोगियों के केवल फेफड़ों से संक्रमण फैल सकता है अगर शव परीक्षा के दौरान इससे सही तरीके से निपटा न जाये.’

इसमें यह भी कहा गया है कि आज तक इस बात का कोई साक्ष्य नहीं है कि कोई व्यक्ति किसी शव के कारण कोरोना वायरस से संक्रमित हुआ हो और इसलिये याचिकाकर्ताओं की ओर से जो मसला उठाया गया है, उसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और यह पूरी तरह से गलत, त्रुटिपूर्ण एवं आधारहीन है.

 

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