BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

भारत में कब तक आएगी Covid-19 वैक्सीन AIIMS निदेशक ने दी पूरी जानकारी

by bnnbharat.com
December 3, 2020
in समाचार
भारत में कब तक आएगी Covid-19 वैक्सीन AIIMS निदेशक ने दी पूरी जानकारी
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली:-  कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी देने वाला ब्रिटेन दुनिया का पहला देश बन गया है. बुधवार को फाइजर और बायोएनटेक की कोरोना वायरस वैक्सीन को आम जनता के लिए मंजूरी मिलने के बाद कोरोना वायरस संकट में लोगों को एक नई उम्मीद की किरण नजर आई है. गुरुवार को इसी कड़ी में बोलते हुए दिल्ली ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) के निदेशक डॉ रणदीप सिंह गुलेरिया ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि ये अच्छी खबर है कि एक वैक्सीन को इतने कम समय में मंजूरी मिल गई है. भारत में भी कुछ वैक्सीन अपने तीसरे चरण में है.डॉ रणदीप सिंह गुलेरिया ने गुरुवार के एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कहा, ‘भारत में भी ऐसे टीके हैं जो अपने परिक्षण के अंतिम चरण में हैं. उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक या अगले महीने की शुरुआत में हमें भारतीय नियामक अधिकारियों से आपातकालीन उपयोग की अनुमति मिल जाएगी ताकि देश की जनता को वैक्सीन देना शुरू किया जा सके.’ डॉ गुलेरिया ने आगे कहा, ‘इस बात का पर्याप्त डाटा है कि वैक्सीन सुरक्षित है. करीब 70,000-80,000 लोगों को वैक्सीन दी गई है. अब तक वैक्सीन का कोई गंभीर विपरीत असर नहीं हुआ है. वैक्सीन से मृत्युदर में कमी आएगी और बड़ी आबादी को वैक्सीन लगाने से हम वायरस के प्रसार की चेन को तोड़ पाएंगे.डॉ रणदीप सिंह गुलेरिया ने बताया कि भारत में कोरोना वैक्सीन की मंजूरी मिलते ही, एक हफ्ते में टीकाकरण का काम शुरू हो गया है. भारत में वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद इसके टीकाकरण का काम भी एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा. यह काम वैक्सीन बूथ के जरिए पूरा किया जाएगा. भारत में वैक्सीन सबसे पहले फ्रंटलाइन वर्कर्स को दी जाएगी. इसके हल्के साइडइफेक्ट हो सकते हैं, हालांकि टीके का असर कब तक रहेगा अभी कुछ कहा नहीं जा सकता. चेन्नई के वालेंटियर के साइडइफेक्ट के दावे पर बोलते हुए डॉ गुलेरिया ने कहा कि वह मामला वैक्सीन से संबंधित होने के बजाय एक आकस्मिक घटना है. जब हम बड़ी संख्या में लोगों को टीका लगाते हैं, तो उनमें से कुछ को कोई न कोई बीमारी हो सकती है, जो टीके से संबंधित नहीं हो सकती.डॉ रणदीप गुलेरिया अपने इंटरव्यू में यह भी बताया कि वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद उसका उपयोग कोरोना वायरस के किन मरीजों पर किया जाएगा. उन्होंने बताया कि शुरू-शुरू में सभी को वैक्सीन देना संभव नहीं होगा लेकिन हमें यह ध्यान रखना होगा कि किसे सबसे पहले टीके की जरूरत है. हम पहले उन लोगों का टीकाकरण करें जिनके कोविड-19 की वजह से मरने की संभावना अधिक है. बुजुर्गों, गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों और फ्रंट लाइन वर्कर्स को पहले टीका लगाया जाना चाहिए.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

राज्यसभा उपचुनाव में सुशील मोदी निर्विरोध रह गए

Next Post

BJP नेता बेटे के साथ गिरफ्तार, पोती की शादी में उड़ाई थीं CORONA GUIDELINES की धज्जियां

Next Post
BJP नेता बेटे के साथ गिरफ्तार, पोती की शादी में उड़ाई थीं CORONA GUIDELINES की धज्जियां

BJP नेता बेटे के साथ गिरफ्तार, पोती की शादी में उड़ाई थीं CORONA GUIDELINES की धज्जियां

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d