रांची: कामधेनु डेयरी फार्मिंग योजना के तहत अनुदान पर गायों का वितरण किया जा रहा है. लघु उद्यमियों, प्रगतिशील पशुपालकों, युवा शिक्षित बेरोजगारों, स्वयं सहायता समूह, सखी मंडल इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. लाभुकों को 25 से 33 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक राज्य योजना अंतर्गत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी अनुदान और बैंक ऋण पर इस योजना का लाभ उठाया जा सकता है. दुग्ध-पथों और पूर्व से दुग्ध-संग्रहण किये जा रहे दुग्ध-समितियों/गांवों के लघु उद्यमी, प्रगतिशील पशुपालक, युवा शिक्षित बेरोजगार, स्वयं सहायता समूह के सदस्य और सखी मंडलों के लिये अनुदानित दर पर यह योजना लागू है.
विभाग के अफसरों के मुताबिक योजना के तहत 5 गाय/भैंस, 10 गाय/भैंस, 20 गाय/भैंस और 50 गाय/भैंस दिया जा रहा है. इसे दूध उत्पादन कार्यक्रम को जीविकोपार्जन और स्वरोजगार के सशक्त साधन के रूप में अपनाया जा सकता है. राज्य को दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में यह कदम सार्थक लाभकारी सिद्ध होगा.
संबंधित पंचायत के मुखिया, अंचलाधिकारी से सत्यापित (अनुशंसा) कराकर आवेदन पत्र जिला गव्य विकास कार्यालय में जमा कराया जा सकता है. इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए कृषि विभाग द्वारा स्थामपित सिंगल विण्डो सेन्टर के माध्यम से भी आवेदन प्राप्त किया जा सकता है.
ये शर्तें भी हैं
- झारखण्ड मिल्क फेडरेशन के कार्यक्षेत्र में चिन्हित दुग्ध-पथों और समितियों/गांवों में पूर्व से दुग्ध-संग्रहण का कार्य किया जा रहा है.
- उस क्षेत्र के प्रगतिशील कृषकों/प्रगतिशील पशुपालकों/दुध-आपूर्ति करने वाले दुग्ध-उत्पादकों को इस योजना में प्राथमिकता दी जायेगी.
- लाभुकों के चयन में ग्राम पंचायत की अनुशंसा अनिवार्य होगी.
- इस योजना अन्तर्गत बैंक ऋण की राशि के लिए लाभुकों द्वारा नियमानुसार बैंक से ऋण प्राप्त किया जायेगा.
- इस योजनान्तर्गत चयनित डेयरी उद्यमी/सखी मण्डल/प्रगतिशील पशुपालक/युवा शिक्षित बेरोजगार/स्वयं सहायता समूह द्वारा कार्यो के बाद अनुदान राशि उपलब्ध कराने हेतु दावा विपत्र दुधारू पशु एवं अन्य के सम्पन्न कार्य का फोटोग्राफी के साथ कार्यालय को उपलब्ध कराया जायेगा.
- योजना का क्रियान्वयन शहरी क्षेत्र/नगर पंचायत/नगर पार्षद सीमा क्षेत्र से बाहर किया जाना है.
- योजना अन्तर्गत चयनित लाभुकों को दुधारू पशु प्रबंधन एवं पशु पोषण तथा हरा चारा उत्पादन का अल्प प्रशिक्षण अनिवार्य होगा.
- लाभुकों द्वारा स्वयं संबंधित बैंकों से ऋण की स्वीकृति करानी होगी. अनुदान की राशि Back ended subsidy होगी.
- दुधारू मवेशी का क्रय-विक्रय विभाग द्वारा लगाये गये दुधारू पशु मेला से किया जाना है.
- अपूर्ण/गलत भरा हुआ आवेदन/मांगे गये कागजात संलग्न नहीं रहने की स्थिति में उनके आवेदन पर कोई विचार नहीं किया जायेगी.

