रांची: भाकपा-माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने आज रांची स्थित कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 12 -15 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की और कहा कि इन्हीं सीटों को लेकर हमारी बात महागठबंधन के नेताओं से हो रही है और अगर बात बनती है तो ठीक है नहीं तो अकेले भी चुनाव लड़ सकते है .
साथ ही साथ उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि बिना वामपंथी के महागठबंधन का कुनबा पूरी नहीं हो सकता. आसाम में डिटेंशन कैम्प लगे है, उसपर उन्होंने कहा कि कैम्प में 40 से ज्यादा लोग मरे है. उसका जिम्मेवार कौन है? सरकार बताये… इसी को लेकर भाकपा माले आगामी 6 नंवबर को देशव्यापी विरोध पर्दशन करेगा .
उन्होंने आर्थिक मंदी को लेकर भी सवाल उठाए है और कहा कि अगर मनेरगा में जो भत्ता दिया जाता है उसको बढ़ाया जाए, रोजगार ज्यादा दिया जाए और यूनिवर्सल सोशल सिक्योरिटी पेंशन स्कीम के तहत जो सिर्फ एक हजार मिलते है उसको 3 हजार तक किया जाए. तब ही मंदी कुछ कम हो सकती है.
इन्हीं सब जनता के मुद्दों को लेकर पार्टी दुबारा 11 से 17 नवंबर तक जन जागरण सप्ताह चलाएगी, जिसमें पार्टी जनता के सवालों को उठायेगी.
उन्होंने 5 चरणों के चुनाव को लेकर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि झारखंड सरकार खुद बोलती है कि नक्सलवाद कम हुआ है, तो फिर 5 चरण में चुनाव क्यों?
महारास्ट्र में जहां झारखंड से 3 गुना ज्यादा सीट है फिर भी एक चरण में ही चुनाव हुआ. वहां भी नक्सलवाद जिले है फिर भी एक चरण में ही चुनाव हुए, तो झारखण्ड में क्यों नहीं?

