समाज की मुख्यधारा से भटके नक्सलियों को भी है कोरोना का खौफ
चतरा:- समाज की मुख्य धारा से भटक चुके नक्सलियो को भी अब कोरोना संक्रमण का डर सताने लगा है. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब कोविड-19 की जांच कराने आए भाकपा माओवादी नक्सली मनीष यादव पिता बिंदेश्वर यादव, ग्राम डुमरवार, थाना कुंदा को शुक्रवार की दोपहर चतरा सदर अस्पताल से फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार नक्सली मनीष पर कुंदा थाना में कांड संख्या 27/15, भादवि की धारा 120, विस्फोटक अधिनियम सीएलए एक्ट के तहत मामला दर्ज था. विश्वस्त पुलिसिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसपी ऋषव झा को नक्सली मनीष यादव के जिला मुख्यालय आने की गुप्त सूचना मिली. जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अविनाश कुमार को निर्देशित किया गया. एसपी से मिले निर्देश के आलोक एसडीपीओ ने सदर थाना के एसआई शशि ठाकुर को नक्सली मनीष को पकडने का जिम्मा सौंपा. ठाकुर ने तत्परता दिखाए हुए फिल्मी अंदाज में चतरा सदर अस्पताल से नक्सली मनीष को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के समय कुंदा थाना प्रभारी बंटी यादव भी अपने दलबल के साथ मौके पर पहुंच चुके थे. इस संबंध में एसडीपीओ अविनाश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली पर दिनांक 13 नवंबर 2015 को क्षेत्र में पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी को बड़ी क्षति पहुंचाने के उद्धयेश से विस्फोटक लगाया गया था. इस मामले में कुल तीन लोगों को प्राथमिक अभियुक्त बनाया गया था. जिसमे मनीष यादव के अलावे रामप्रीत एवं रामस्वरूप पासवान (दोनो सहोदर भाई) पिता वृज पासवान, ग्राम डुमरा, थाना कुंदा का नाम शामिल था. इस मामले में रामप्रीत पासवान की मौत हो चुकी है, जबकि रामस्वरूप पासवान पहले से जेल की हवा खा रहा है. गिरफ्तार नक्सली मनीष यादव पिछले 6 वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर फरार चल रहा था. इसके अलावे मनीष को कुंदा थाना कांड से संख्या 24/20 में जांच के दायरे में रखा गया है. मनीष की फरारी से तंग आकर कुंदा पुलिस उसके घर पर कुर्की करने की कार्रवाई में जुटी हुई थी, तभी एसपी को उसके आने की सूचना मिली और उसे गिरफ्तार के लिया गया. गिरफ्तार नक्सली मनीष को मेडिकल जांच के बाद न्यायालय में प्रस्तुत कर चतरा जेल भेज दिया गया.

