नई दिल्ली: देश के अन्य राज्यों की तरह दिल्ली में भी सोमवार से शराब की दुकानें खुल गई हैं, लेकिन जगह-जगह अफरातफरी का माहौल भी है. लोग शारीरिक दूरी के नियमों का भी पालन नहीं कर रहे हैं. यहां तक कई जगहों पर पुलिस ने लाठियां तक भांजी हैं.
करोल बाग थाने के एसएचओ मनिंदर सिंह का कहना है कि यहां पर खुली शराब की दुकान के बाहर लोग शारीरिक दूरी के नियमों का पालन नहीं कर रहे थे, इसलिए शराब की इस दुकान को बंद करा दिया गया.
दिल्ली में ज्यादातर इलाकों में खुली सरकार दुकानों के बाहर सैकड़ों लोग लाइनें में लगे नजर आ रहे हैं. आलम यह है कि सुबह 9 बजे से लोग शराब की दुकानों के बाहर पहुंच गए थे.
कई जगह पुलिस ने बंद कराई दुकानें
इस बीच भीड़ के मद्देनजर दिल्ली में पुलिस ने कई जगह शराब की दुकानें बंद कराईं है. यहां पर फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन न होने की बात सामने आई है.
कश्मीरी गेट इलाके में शराब की दुकान के बाहर 2 किलोमीटर लंबी लाइन लगी थीं और इस दौरान शारीरिक दूरी के नियमों का पालन भी नहीं किया रहा था. इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया है.
शराब की जो 150 दुकानें दुकानें खोली गई हैं. उनमें नांगलोई, पश्चिम विहार, कृष्णा नगर, लक्ष्मी नगर, पंजाबी बाग, कीर्ति नगर, मयूर विहार, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके शामिल हैं.
बता दें कि आबकारी विभाग ने दिल्ली में शराब की दुकानें खोलने का आदेश रविवार को ही जारी कर दिया था. इस आदेश के बाद दिल्ली में शराब की 150 दुकानों को खोलने की अनुमति मिली है. ये दुकानें सुबह 10 बजे से देर शाम 7 बजे तक खुलेंगी.
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने शराब, पान, गुटका, तंबाकू आदि बेचने की दुकानों को संचालित करने की अनुमति देने के साथ अपने आदेश में इसके लिए कुछ शर्तें भी तय की हैं. इसमें दुकानदार के साथ उपभोक्ताओं को शारीरिक दूरी के साथ वे सारे नियम मानने होंगे, जिससे कोराना वायरस संक्रमण से बचाव हो सके. इन नियमों को सबके लिए मानना अनिवार्य होगा.
दिल्ली प्रदेश भाजपा का विरोध
वहीं, दिल्ली प्रदेश भाजपा ने दिल्ली में शराब की दुकानों को खोलने को लेकर अपना विरोध जताया है. भाजपा की मानें तो दिल्ली सरकार के इस निर्णय से कोरोना महामारी और तेजी से फैलेगी. साथ ही यह तर्क भी दिया कि शराब की दुकानें खुलने से दिल्ली में अपराध में वृद्धि होगी.
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार को बाकायदा खत लिख कर मांग की है कि इस समय में राशन के सही वितरण और गरीबों को भोजन उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए, न कि शराब की दुकानें खोलने पर जोर दिया जाना चाहिए.
रविवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को डिजिटल प्रेसवार्ता कर कहा था कि केंद्र सरकार ने रेड जोन के भीतर जो भी छूट दी है वह सभी छूट राजधानी में भी लागू की जाएगी. मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद मुख्य सचिव ने नई गाइडलाइंस के साथ आदेश भी जारी कर दिया. वहीं राजधानी में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए जारी ई-पास की वैधता 17 मई तक बढ़ा दी गई है.

