नई दिल्ली:. सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीडीआरआई) लखनऊ ने कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए एंटीवायरल ड्रग उमिफेनोविर (Umifenovi) का क्लिनिकल परीक्षण करने की मंजूरी दे दी है. तीसरे चरण का परीक्षण किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) और ERA के लखनऊ मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, लखनऊ में किया जाएगा. इस दवा में एक अच्छा सुरक्षा है और यह मानव कोशिकाओं में वायरस के प्रवेश को रोकने का काम करती है.
Umifenovir का उपयोग मुख्य रूप से इन्फ्लूएंजा के इलाज के लिए किया जाता है और यह चीन और रूस में उपलब्ध है, और हाल ही में कोरोना वायरस (COVID-19) रोगियों के लिए इसके संभावित उपयोग के कारण प्रमुखता में आया है.
भारतीय रोगियों में ये कितना प्रभावकारी होगा इसका मूल्यांकन करने के लिए CSIR-CDRI ने नैदानिक परीक्षण किया है. इसके अलावा, इसने रिकॉर्ड समय में उमिफेनोविर के लिए प्रक्रिया प्रौद्योगिकी विकसित की है और दवा के निर्माण और विपणन के लिए किफायती प्रक्रिया प्रौद्योगिकी को लाइसेंस दिया है.
सीएसआईआर-सीडीआरआई के निदेशक प्रो तापस कुंडू ने कहा कि दवा के उमिफेनोविर लिए सभी कच्चे माल स्वदेशी रूप से उपलब्ध हैं और यदि नैदानिक परीक्षण सफल रहा है, तो कोरोना वायरस (COVID-19) के खिलाफ एक सुरक्षित, प्रभावकारी, सस्ती दवा हो सकती है. उन्होंने कहा कि दवा में रोगनिरोधी उपयोग की क्षमता है.

