रांची: राजस्थान के ऊपर बनें साइक्लोनिक सर्कुलेशन के पश्चिम से पूरब की ओर बढ़ने से इसका असर झारखंड के मौसम पर भी पड़ा है. राज्य के ज्यादातर इलाकों में आसमान में बादल छाने के साथ ही रांची (Ranchi) में गरज के साथ बूंदाबांदी भी शुरू हो गई. अगले चार दिन तक राज्य के अलग-अलग जिलों में गर्जन, वज्रपात और ओलावृष्टि के साथ बारिश की चेतावनी मौसम केंद्र ने दी है.
मौसम केंद्र ने लातेहार, लोहरदगा, गुमला, रांची, सिमडेगा और खूंटी में वज्रपात की तात्कालिक चेतावनी भी दी है. साथ ही अगले 2 से 3 घंटे तक खुले आकाश में खेत में नहीं जाने की सलाह दी है. मौसम केंद्र रांची के वरीय मौसम पुर्वानुमान वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार 17 और 18 फरवरी को राज्य के कई जिलों के ऊपर घने बादल होंगे और चतरा, पलामू, कोडरमा, हजारीबाग सहित आसपास के जिलों में कहीं कहीं ओलावृष्टि के साथ बारिश भी होगी. राज्य के कई हिस्सों में वज्रपात होने की भी संभावना है. 20 फरवरी से आसमान साफ होने के साथ ही धूप खिलेगी.
रांची समेत कई जिलों में ओलावृष्टि
मौसम केंद्र, रांची के पूर्वानुमान के अनुसार, ओलावृष्टि की ज्यादा संभावना झारखंड के मध्य और दक्षिणी हिस्से में है. चतरा, पलामू, सिमडेगा हजारीबाग, रामगढ़, रांची, खूंटी, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां आदि जिलों के कुछेक स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना बनती दिख रही है.
क्यों बदला झारखंड में मौसम का मिजाज
मौसम केंद्र, रांची के अनुसार राजस्थान में कल पश्चिम में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन पूर्व की बढ़ रहा है. इसी पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजस्थान से लेकर मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से तक एक साइक्लोनिक सरकुलेशन बना हुआ है. वहीं दक्षिणी पूर्व से आने वाली हवा के प्रभाव से झारखंड में मौसम ने करवट लिया है.
अधिकतम तापमान में कमी तो न्यूनतम तापमान बढ़ेगा
अगले चार दिन तक झारखंड में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री तक की कमी हो सकती है तो न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होगी ,बावजूद इसके धूप नहीं निकलने के चलते ज्यादा ठंड का अहसास होगा.

