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7 सालों से खाट पर पड़े दिहाड़ी मजदूर को है किसी रहनुमे की आशा

by bnnbharat.com
October 1, 2020
in समाचार
7 सालों से खाट पर पड़े दिहाड़ी मजदूर को है किसी रहनुमे की आशा
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भाजपा विधायक ने दिया सरकारी खर्च पर इलाज में सहयोग का आश्वासन, जगी आस

चतरा: चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड के डाड़ी गांव निवासी मोहन महतो पिछले सात सालों से खाट पर पड़े-पड़े अपने मौत की राह देख रहा है. दुर्घटना का शिकार पीड़ित मोहन पैसे के अभाव में समुचित इलाज नहीं होने के कारण खटिये पर सिमट कर रह गया है. उसकी जिंदगी नासूर हो गई है कि वह अब तिल-तिलकर मरने को विवश है. उसके दर्द को समझने के लिए अब किसी फरिश्ते का इंतजार है जो उसका इलाज करा सकें. 

दिहाड़ी मजदूर मोहन का जीवन अभिशाप बनकर रह गया. आलम ये है कि घर के बाहर पड़े खटिया पर वह न सिर्फ अपनी जिंदगी को कोस रहा है, बल्कि भगवान से भी दिन-रात यही मिन्नत कर रहा है कि उसे इस कष्ट भरी जिंदगी से जल्द छुटकारा मिल जाए. ऐसे में टूटी कमर के दर्द ने उसे मौत से भी बुरी जिंदगी जीने को विवश कर रखा है. 

बताते हैं कि 45 वर्षीय मोहन महतो का कमर करीब सात वर्ष पूर्व काम करने के दौरान गिरने से टूट गया था, जिसके बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे मोहन के बेटे ने स्थानीय स्तर पर उसका इलाज कराने का प्रयास भी किया, लेकिन कमर की स्थिति को देखते हुए स्थानीय चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स रेफर कर दिया.

वहीं आर्थिक तंगी से जूझ रहे दिहाड़ी मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले उसके बेटे ने उसे रांची ले जाने में असमर्थता जतायी और उपचार कराने के बजाय उसे उसी हालत में घर ले गया, जिसके बाद से मोहन खटिया पर पड़े-पड़े अपनी मौत का इंतजार कर रहा है.

मोहन की स्थिति ऐसी है कि उसे सरकारी अनाज तो मिलता है, लेकिन उसकी मात्रा इतनी नहीं है कि वह महीने भर चल सके. उसे सरकार द्वारा कोई लाभ भी नहीं मिला है. 

हालांकि जब मोहन के दर्द से सिमरिया विधायक किशुन दास को इन सारी वस्तु स्थितियों से अवगत कराया गया, तो उन्होंने सरकारी खर्चें पर उसका इलाज कराने का आश्वासन जरूर दिया है.

विधायक ने कहा है कि वे प्रयास कर रहे हैं कि मोहन का सरकारी खर्च पर समुचित इलाज हो, ताकि न सिर्फ उसे दर्द भरी जिंदगी से छुटकारा मिल जाए, बल्कि वह एक आम जिंदगी भी जीने का हकदार बन सके.

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