रंजीत कुमार,
बिहार(सीतामढ़ी): सीतामढ़ी के श्री राधाकृष्ण गोयनका महाविद्यालय के दैनिक कर्मियों की बैठक शिवनाथ शाह की अध्यक्षता में हुई. जिसमें प्राचार्य डॉ रामनरेश पंडित के बयान का खंडन किया गया एवं लगाए गए आरोपों को निराधार एवं बेबुनियादी बताया गया,कर्मी अनिल ठाकुर जो अनुसूचित जनजाति से आते हैं उन्होंने कहा कि प्राचार्य द्वारा पूर्व में छात्रों के अवरोध उत्पन्न होने पर स्वयं कुलपति महोदय को दिनांक 18/10/ 2019 को पत्र लिखकर गोयनका महाविद्यालय से अन्यत्र स्थानांतरण के लिए अनुरोध किया गया था जिसके आलोक में विश्वविद्यालय ने उनका स्थानांतरण कर दिया.
महाविद्यालय में योगदान देने आए डॉ राम नरेश पंडित ने विश्वविद्यालय द्वारा नामित प्राचार्य डॉ मधुरेंद्र सिंह से प्रभार लेने की बजाए प्राध्यापक डॉ गणेश राय से विश्वविद्यालय के आदेश की अवहेलना करते हुए पदभार ग्रहण किया गया था एवं ग्रहण करने के बाद से सभी दैनिक कर्मियों का वेतन बंद कर दिया गया ,जबकि कर्मचारियों से सभी प्रकार के कार्य कराया जाता रहा है वही पूर्व के प्राचार्य द्वारा वेतन भुगतान भी किया जाता था जबकि प्राचार्य डॉ रामनरेश पंडित से वेतन मांगने पर बार-बार आश्वासन और उनके साथ आने वाले ठेकेदारों से चुपचाप काम करने को लेकर धमकाया जाता रहा.
चुपचाप काम करने और आश्वासन बाद भी प्राचार्य डॉ राम नरेश पंडित के कार्यकाल का भुगतान अब तक लंबित है जिससे भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई है. कर्मियों ने कहा कि भुगतान नहीं किया गया तो आगे आंदोलन के साथ आमरण अनशन एवं भूख हड़ताल पर बैठेंगे. बैठक में कर्मी राधेश्याम ठाकुर,रंजीत कुमार, सुजीत झा ,शादाब हुमायूं, चंदा देवी ,राहुल कुमार ,रोशन कुमार समेत कई कर्मी मौजूद रहे.

