रांची: राजधानी रांची समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में बेमौसम बारिश के साथ ओलावृष्टि, कुहासा और अत्यधिक ठंड से फसलों पर असर देखा जा रहा है. ऐसे में फसल तैयार होने से पहले बर्बाद हो रही हैं. बारिश और कोहरे और अत्यंत ठंड के कारण आलू समेत अन्य फसलों के बर्बाद होने से किसान चिंतित और परेशान हैं. ठंड के कारण टमाटर, मटर, आलू, प्याज, लहसुन व अन्य फसलें अधिक प्रभावित हुई हैं. मौसम की वजह से फसलों में हो रही पाला और झुलसा रोग के कारण किसान चिंतित हैं. फसलों को बचाने के लिए किसानों ने फसलों में यूरिया खाद तथा दवाइयों का छिड़काव भी किया है, लेकिन बेमौसम बारिश व कोहरे के कारण आलू सहित अन्य फसल को बचा नहीं पा रहे. किसानों ने बताया कि उनके जीविकोपार्जन का एकमात्र साधन खेती है. उस पर भी प्रकृति की मार से उन्हें परेशान होना पड़ रहा है.
इधर, राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश और कड़ाके की ठंड का असर जनजीवन पर देखने को मिल रहा है. राजधानी रांची में भी तीन दिनों से बारिश हो रही है. इससे ठंड भी बढ़ गई है. इसका असर व्यापार पर भी पड़ा है. बाजार में स्थित दुकानों में लोग कम पहुंच रहे हैं. वहीं ठंड और कोहरे की वजह से उत्तर भारत की ओर से आने वाले करीब सभी ट्रेनें दस से बारह घंटे के विलंब से कोडरमा पहुंच रही हैं. इसके कारण रेल यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है. ट्रेन के इंतजार में रेल यात्रियों को खुले आसमान के नीचे अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है, वहीं स्टेशन परिसर पर ही रेल यात्री कंबल के सहारे ट्रेन का इंतजार करने को मजबूर हैं. आलम यह है कि दूरदराज से आने वाले रेल यात्री नियत समय से स्टेशन पर पहुंच जा रहे हैं लेकिन ट्रेन के विलंब होने के कारण उन्हें स्टेशन पर ही इंतजार कर रात गुजारनी पड़ रही है. पिछले एक पखवाड़े से कोडरमा जिले के तापमान में लगातार गिरावट आ रही है वही रिमझिम बारिश के कारण शीतलहरी का प्रकोप भी बढ़ता जा रहा है.

