रवि सिंह,
गोरखपुर: माता-पिता की इच्छा और बेटा न होने की वजह से बेटी ने मां और बाप का अंतिम संस्कार कर चिता को मुखाग्नि देकर अपना फर्ज निभाया.
दरअसल गोला तहसील क्षेत्र रौजादरगाह गांव निवासी अवकाश प्राप्त दरोगा स्व रामाश्रय पुत्र बंशी की पत्नी गुलाबी देवी की मंगलवार आकस्मिक निधन हो गया. अभी 19 दिन पूर्व पति रामाश्रय का निधन हो गया था. दिवंगत रामाश्रय व की तीन बेटियां हैं. बेटा नहीं है.तीन बेटियां निर्मला बबीता और नीतू ही हैं. तीनो बेटियों की शादी हो गयी है. जिसमे छोटी बेटी नीतू अपने माता-पिता की सबसे चहेती बेटी थी. मंगलवार को मां की मौत होने पर उनके शव को गोला मुक्तिधाम लाया गया जहां छोटी बेटी नीतू ने मां की अर्थी को कंधा दिया.
इसके बाद श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर चिता को मुखाग्नि दी. बेटा न होने के कारण बेटी द्वारा मां और बाप की चिता को मुखाग्नि दिए जाने के बारे में जब नीतू से बात की गई तो उसने कहा कि पिता की इच्छा थी कि उनके मृत्यु पर अर्थी को हमारी छोटी बेटी ही कंधा दे और चिता को भी अग्नि उन्हीं के हाथों दिया जाए.
उनकी अंतिम इच्छा पूरी करते हुए हमने 19 दिन पूर्व पिता और मंगलवार को मां का अंतिम संस्कार किया। भगवान को यही मंजूर था मैंने अपना फर्ज निभाया

