माली: माली के उत्तरी हिस्से में स्थित अजेलहोक में जिहादियों ने संयुक्त राष्ट्र के शांतिरक्षकों के शिविर पर घातक हमला कर दिया है. जिसमें चार शांतिरक्षकों की मौत हो गई और 19 अन्य घायल हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि चारों शांतिरक्षक चाड गणराज्य से थे. माली में संयुक्त राष्ट्र मिशन ने कहा कि शिविर से घायलों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों को मौके पर भेजा गया है. इस शिविर में अधिकतर चाड के ही शांतिरक्षक थे.
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने ‘हथियारबंद ताकतों’ द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा की है और ‘मजबूती से हमले को रोकने के लिए शांतिरक्षकों के साहस और वीरता’ की प्रशंसा की है. दुजारिक ने कहा कि गुतारेस ने एक बार फिर कहा कि शांतिरक्षकों को निशाना बनाने वाले हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराधों के दायरे में आएंगे.
लोगों के खिलाफ प्रतिबंध लगाए जाएंगे
उन्होंने कहा कि इन हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रतिबंध लगाए जाएंगे. प्रवक्ता ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने माली के अधिकारियों से कहा है कि वे ‘इस जघन्य हमले के अपराधियों को पहचानने और उन्हें जिम्मेदार ठहराने में कोई कसर ना छोड़ें (Attack on UN Peacekeepers in Mali).’ माली में साल 2012 से ही इस्लामिक चरमपंथी उग्रवाद का कहर जारी है, जिसे यहां की सरकार लगातार रोकने की कोशिश कर रही है.
माली सबसे खतरनाक जगह
माली में बीते महीने भी संयुक्त राष्ट्र के एक अस्थायी संचालन केंद्र पर हमला हुआ था. इस हमले में 28 शांतिरक्षक घायल हो गए थे, जबकि एक की मौत हो गई थी (Attacks on UN Peacekeepers in Mali). दरअसल संयुक्त राष्ट्र दूर दराज के कुछ इलाकों में 12 शांतिरक्षक अभियान चला रहा है. इनमें से माली मिशन के लिए सबसे खतरनाक माना जाता है. जनवरी के बाद से शांतिरक्षकों पर कई बार हमले किए गए हैं. इनमें 60 से अधिक लोग घायल हुए हैं.

