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ठंड से NCR में फैल रही है जानलेवा बीमारी

by bnnbharat.com
December 27, 2019
in समाचार
ठंड से NCR में फैल रही है जानलेवा बीमारी
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नई दिल्ली: दिल्ली में सर्दी ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए है. पर यह सर्दी सिर्फ ठंढ तक ही सीमित नहीं रह गई है. अब इसके वजह से लोगों में बीमारी भी अपना पैर पसारने को तैयार बैठी है. दिल्ली में बढ़ती सर्दी जानलेवा हाइपोथर्मिया रोग को बढ़ावा दे सकती है. डॉक्टरों की सलाह है कि हाइपोथर्मिया रोग के प्रति सतर्कता बरतने में ही भलाई है. इसी साल 1 से 6 जनवरी के बीच दिल्ली में 44 लोगों की मौत हुई थी. इन मौतों में से कुछ के लिए डॉक्टर हाइपोथर्मिया को वजह मानते हैं.

हाइपोथर्मिया को आमतौर पर शरीर के 95 डिग्री फारेनहाइट या उससे कम तापमान के रूप में परिभाषित किया जाता है. यह बीमारी तब होती है जब बाहर का वातावरण बहुत ठंडा होता है या शरीर में ताप उत्पादन क्षमता कम हो जाती है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल का कहना है कि सर्दियों के मौसम में लोग हाइपोथर्मिया से मर सकते हैं.

उस स्थिति की कल्पना करें, जब आप सुबह-सुबह सड़क किनारे ऐसे लोगों को देखते हैं जिन्होंने पर्याप्त वस्त्र नहीं पहने होते हैं. उनमें से कुछ कांप रहे होते हैं और कुछ नहीं. जो कंपकंपाता है, वह बताता है कि उसका शरीर बाहर के कम तापमान की स्थिति में शरीर के मूल तापमान को बनाये रखने की कोशिश कर रहा है. दूसरा, जिसके शरीर में कंपकंपी नहीं हो रही है, वह मर सकता है, या सामान्य हो सकता है. 

एक व्यक्ति हाइपोथर्मिया से पीड़ित हो सकता है. यदि वह ठंडे तापमान के संपर्क में आ गया है तो धीमी या लड़खड़ाती आवाज, नींद या भ्रम की दशा, हाथ और पैर में कंपकंपी या कड़ापन, शरीर की गति पर कमजोर नियंत्रण, धीमी प्रतिक्रिया या कमजोर होती नाड़ी इत्यादि लक्षण देखने को मिल सकते हैं.

इस मौसम में शिशु को लेकर पहाड़ों पर घूमने जाने से फिलहाल परहेज करें. बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष कुमार का कहना है कि दिल्ली में लगातार गिर रहा तापमान नौनिहालों और बुजुर्गों के लिए सबसे ज्यादा चिंता का विषय है. प्रीमेच्योर शिशुओं को भी इस सर्दी में खास सतर्कता की आवश्यकता है. ज्यादा ठंड होने से इन बच्चों का रक्तसंचार तक प्रभावित होता है. साथ ही शरीर भी नीला पड़ने लगता है. इसलिए शिशुओं को जहां तक संभव हो सके बाहरी हवा से बचाकर रखें. सुनिश्चित करें कि आपका घर पर्याप्त गर्म रहे. थर्मोस्टेट को कम से कम 68 से 70 डिग्री पर रखें.

  • 6.0 से 6.5 डिग्री तक तापमान वाले हल्के ठंडे घरों में वृद्ध लोगों में हाइपोथर्मिया हो सकता है. घर पर शरीर को गर्म रखने के लिए.
  • मोजे और चप्पलों के साथ अपने कपड़ों के नीचे लंबे अंडरवियर पहनें.
  • गर्म हवा की परत बनाये रखने के लिए गर्म ढीले कपड़ों की कई लेयर पहनें.
  • अपने पैरों और कंधों को गर्म रखने के लिए कंबल का प्रयोग करें .
  • एक टोपी हमेशा पहनें

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