नई दिल्ली: तमिलनाडु के तूतीकोरीन में पुलिस हिरासत में पिता-पुत्र की मौत मामले में अब तक 5 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं. इस मामले में क्राइम ब्रांच (क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट) ने तीन और पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है जिसमें इंस्पेक्टर बालाकृष्ण, कॉन्स्टेबल मुथुराम और मुरूगन शामिल है. इसके अलावा भी क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर श्रीधर की भी आईपीसी की धारा 302 के तहत गिरफ्तारी की गई वही एक सब इंस्पेक्टर रघु गणेश को बुधवार को गिरफ्तार किया गया.
तूतीकोरिन के स्थानीय नागरिकों ने गिरफ्तारी पर जलाए पटाखे
पांच पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के बाद तूतीकोरिन के स्थानीय नागरिक पटाखे फोड़ कर जश्न मना रहे हैं, इसे लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि इन गिरफ्तारी के बाद तूतूकुड़ी स्थान कुलम के स्थानीय निवासी कैसे जश्न मना रहे हैं.
पूरे मामले में पुलिस ने हत्या के आरोपों को शामिल करने के लिए चार्जसीट बदल दिए हैं और लोगों से बात कर रहे हैं और कार्यवाही के लिए आगे पूछताछ की जा रही है. दरअसल राज्य के कानून मंत्री ने सीवी सनमुगम ने परिवार को आश्वासन दिया था कि सरकार जयराज और उनके बेटे बेनिक्स की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा दिलाएंगी.
आरोपी पुलिसकर्मी पर जांच में बाधा डालने का आरोप
बता दें की गिरफ्तारी से पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी से पहले मद्रास हाई कोर्ट ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या के तहत मामला दर्ज करने का आदेश जारी किया था, इस मामले में हाईकोर्ट ने तमिलनाडु में दो पुलिस अधिकारियों एक कॉन्स्टेबल को मामले में तलब कर दिया था. इसके अलावा मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने सीबीसीआईडी के डीएसपी अनिल कुमार को तूतीकोरिन में हिरासत में हुई पिता और पुत्र की मौत के मामले में जांच करने के आदेश जारी किए हैं. इसके अलावा तूतूकुड़ी के एसपी को उनके पद से अभी हटा दिया गया था.
मामले को लेकर मद्रास हाई कोर्ट द्वारा मजिस्ट्रेट ने अदालत को लिखा था कि आरोपी पुलिसकर्मी जांच में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं, इसके अलावा संबंधित थाने के अधिकारियों ने सबूत को भी नष्ट कर दिए थे इसके अलावा मजिस्ट्रेट और जांच की टीम को धमकाने की भी कोशिश की गई.
ये है मामला
दरअसल तूतीकोरिन में पुलिस ने 59 साल के जयराज और 31 साल के उनके बेटे बेनिक्स को लॉकडाउन के नियम उल्लंघन पर गिरफ्तार किया था, उन पर आरोप था कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान अपनी फोन की दुकान नियमों का उल्लंघन करते हुए खोली रखी थी. इसके अलावा आरोप है कि इनके साथ जेल में मारपीट हुई और इन्हें योन यातनाएं भी दी गई और कोविलपट्टी के अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी.
बीते सोमवार को बेनिक्स की मौत हुई और जयराज की मौत मंगलवार को हो गई, जिसके बाद से इस घटना को लेकर इलाके में लोगों में काफी गुस्सा है, सभी पुलिसकर्मियों को दोषी ठहरा रहे हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं.

