रांची: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार 29 दिसंबर को एक साल पूरा करने जा रही है. उससे पहले एक साल के कामकाज का आकलन करने के लिए सीएम हेमंत सोरेन विभागवार समीक्षा कर रहे हैं. ये समीक्षा बैठक 18 दिसंबर तक जारी रहेगी. समीक्षा बैठक के दौरान राज्य सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत को जानने और उन्हें गति प्रदान करने पर बल दिया जा रहा है.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सीएम हेमंत सोरेन 29 दिसंबर को सरकार की पहली वर्षगांठ के मौके पर कुछ नई योजनाओं की शुरुआत कर सकते हैं. इसके लिए अभी से अलग-अलग विभागों में मंथन का दौरा जारी है.
सीएम हेमंत इन योजनाओं की कर सकते हैं शुरुआत–
-सर्विस डिलीवरी अभियान- इसके तहत लोगों को जन्म, जाति, आवासीय, विवाह और आय प्रमाण पत्र 30 दिनों के अंदर सुनिश्चित कराया जाएगा.
-वनोत्पाद कोऑपरेटिव सोसाइटी- सिदो कान्हू कृषि एवं वनोत्पाद कोऑपरेटिव सोसाइटी को लॉन्च करने की तैयारी.
-पशुधन योजना- किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से इसके तहत कृषि के साथ-साथ मुर्गी, बकरी और सूअर पालन को बढ़ावा दिया जाएगा.
-खेल नीति की घोषणा- नई खेल नीति के जरिये पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक खिलाड़ियों को चिन्हित कर उन्हें बेहतर अवसर प्रदान करने की कोशिश होगी. जिससे सूबे के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान कायम कर सकेंगे.
-नई पर्यटन नीति- इसके तहत राज्य के पर्यटन स्थलों को विकसित करना और स्थानीय लोगों के लिये रोजगार के अवसर पैदा करना, उद्देश्य होगा.
-खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति- खेल जगत में राज्य का नाम रौशन करने वाले तमाम खिलाड़ियों को सरकार सीधी नियुक्ति का लाभ दे सकती है.
-विदेश में शिक्षा पाने के लिये जयपाल सिंह मुंडा छात्रवृति योजना- इस योजना के तहत पहले चरण में छात्रों को ब्रिटेन भेजने की तैयारी की जा रही है. विदेश में शिक्षा के लिये राज्य सरकार प्रतिभावान छात्रों को शत प्रतिशत छात्रवृति देगी.
-झारखंड यूनिवर्सल पेंशन- इसके तहत राज्य के 5 लाख लोगों को पेंशन देने का लक्ष्य रखा गया है.
-वन पट्टा- 25 हजार से ज्यादा भूमिहीन अनुसूचित जनजाति के लोगों को वन पट्टा देने की योजना है.
-सीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम- राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के लिये विशेष लोन देने की व्यवस्था पर सरकार विचार कर रही है.
-ओबीसी, अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षण के दायरे को बढ़ाने के लिए बनेगी हाई पावर कमेटी.
-कुपोषण का दाग धोने के लिए राज्य में चलेगा 1000 दिनों का कुपोषण मिशन अभियान.
-स्थानीय नीति में बदलाव करेगी सरकार. स्थानीयता समिति का भी जल्द गठन होगा.
-आदिवासी और ओपन यूनिवर्सिटी को लेकर कवायद तेज.
-इको टूरिज्म सर्किट की तैयारी- इसमें बेतला, दलमा, नेतरहाट, चांडिल और किरीबुरू जैसे पर्यटन स्थलों को शामिल किया जाएगा.

