BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

‘चौकीदार’ बयान से जुड़े राहुल के मामले में फैसला लंबित

by bnnbharat.com
August 16, 2019
in समाचार
‘चौकीदार’ बयान से जुड़े राहुल के मामले में फैसला लंबित
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली : भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की शीर्ष अदालत को संदर्भित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी करने के मामले में उनके द्वारा अपने खिलाफ आपराधिक कार्यवाही बंद करने के लिए दायर मामले में फैसला 10 मई को सुरक्षित कर लिया था, लेकिन उसे सुनाया जाना अभी बाकी है. राहुल ने शीर्ष अदालत से माफी मांगने के बाद याचिका दायर की थी.

Also Read This: केजरीवाल के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री मोदी ने दी शुभकामनाएं

मामले की सुनवाई के दौरान काफी दलीलें दी गईं, जहां लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक बयानों को लेकर वकीलों को काफी लड़ना पड़ा और तर्क देना पड़ा.

तीन महीने बाद भी फैसले का इंतजार है.

राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना याचिका भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद मीनाक्षी लेखी ने दायर की थी.

लेखी के वकील मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया था कि राहुल को राजनीतिक भाषण में शीर्ष अदालत को गलत तरीके से जोड़ने के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए.

रोहतगी ने अदालत में दलील दी थी, “राहुल गांधी ने यह कहकर जनता को भटका दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने ‘चौकीदार चोर है’ कहा. इसलिए अदालत को राहुल गांधी से माफी मंगवाने का आदेश पारित करना चाहिए. ”

राहुल ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करने के लिए चुनाव में ‘चौकीदार चोर है’ का इस्तेमाल किया था.

मार्च में जब सुप्रीम कोर्ट ने राफेल सौदा मामले में कुछ समीक्षा याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की, तो राहुल ने दावा किया था कि शीर्ष अदालत ने भी कहा था कि ‘चौकीदार चोर है. ‘ सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा था कि उसने ऐसा कभी नहीं कहा .

राहुल की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि कांग्रेस नेता ने अदालत द्वारा नोटिस जारी करने से पहले भी खेद व्यक्त किया था.

अदालत ने, हालांकि, इसे स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद राहुल ने माफी मांगी.

सिंघवी ने तर्क दिया था, “इसलिए, मामले को बंद कर दिया जाना चाहिए. ”

रोहतगी ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल की माफी को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए, और कानून के अनुसार उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

तीन पन्नों के एक हलफनामे में, राहुल ने कहा था “प्रतिवादी बिना शर्त के गलत तरीके से अदालत को संदर्भित कर बयान देने के मामले में माफी मांगता है. प्रतिवादी आगे कहता है कि इस तरह के कोई भी आरोप पूरी तरह से अनजाने में, गैर-इरादतन थे. ”

इससे पहले, गांधी ने दो हलफनामों में दो बार अपनी टिप्पणी के लिए खेद व्यक्त किया था, उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के माहौल में ऐसी टिप्पणी कर दी थी.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

राष्ट्रमंडल खेल-2022 में महिलाओं की स्पर्धा पुरुषों से ज्यादा

Next Post

स्वतंत्रता दिवस पर प्रखंड क्षेत्र में शान से लहरा तिरंगा

Next Post
स्वतंत्रता दिवस पर प्रखंड क्षेत्र में शान से लहरा तिरंगा

स्वतंत्रता दिवस पर प्रखंड क्षेत्र में शान से लहरा तिरंगा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d