संवाददाता,
रांची : झारखंड के 35 विधानसभा क्षेत्रों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं. उच्च, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग की तरफ से 25 में से 27 विधानसभा क्षेत्र में डिग्री कॉलेज खोलने की स्वीकृति दी गयी है. इसमें से 19 में काम शुरू हो गया है. बोरियो, बरहेट, शिकारीपाड़ा, हुसैनाबाद, डुमरी, खिजरी में भूमि विवाद की वजह से कॉलेज निर्माण नहीं हो रहा है. भवनाथपुर, छत्तरपुर, मझगांव, खरसांवां, महेशपुर, पीरटांड़, सतगांवां, झरिया, खिजरी में 10 फीसदी काम भी कॉलेज निर्माण की दिशा में नहीं हो पाया है. सरकार की तरफ से इन कॉलेजों के लिए 425.78 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं. सभी मॉडल कॉलेजों के लिए 15.76 करोड़ रुपये की राशि सरकार की तरफ से स्वीकृत की गयी है. इसमें से 2 करोड़ रुपये से लेकर 7 करोड़ रुपये तक की राशि सभी विधानसभा क्षेत्र के लिए राज्य सरकार ने निर्गत कर दिये हैं. मणिका और तोरपा में सबसे अधिक काम पूरा कर लिया गया है.
उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव के अनुसार सरकार ने पूर्व में एक सौ नया कॉलेज खोलने की घोषणा की थी. इसमें से अब पिछड़े इलाकों में अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के बच्चों को शिक्षित करने के लिए प्राथमिकता दी जा रही है. इसी क्रम में वैसे विधानसभा क्षेत्र का चयन किया गया है, जहां डिग्री कालेज की सबसे अधिक आवश्यकता थी. उन्होंने कहा कि नया डिग्री कालेज बनने से शहरों में भी कालेजों पर दवाब नहीं बढ़ेगा. उन्होंने कहा है कि कॉलेजों में बालिकाओं और बालकों का नामांकन दर भी 18 फीसदी तक पहुंचा है. इसलिए शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकसित करने की दिशा में सरकार अग्रसर है.

