नई दिल्ली/मुंबई : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को एफसीआरए नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता- इंदिरा जयसिंह और उनके पति आनंद ग्रोवर के राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और मुंबई स्थित आवासों पर छापेमारी की. अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि सीबीआई ने यह कार्रवाई मुंबई के एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ और उसके अध्यक्ष आनंद ग्रोवर के खिलाफ 13 जून को विदेशी वितरण (विनियम) अधिनियम (एफसीआरए), आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी के मामले दर्ज करने के एक महीने बाद की है.
सीबीआई के अनुसार, दर्ज मामले में एनजीओ के अज्ञात पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं, निजी व्यक्तियों और सरकारी कर्मचारियों को भी नामजद किया गया है.
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गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, एनजीओ को सामाजिक कार्यो के संचालन के पंजीकृत कराया गया था और इसे 2006-07 से 2014-15 तक 32.39 करोड़ रुपये मिले. हालांकि शिकायत में कहा गया है कि एफसीआरए के उल्लंघन का खुलासा 2010 में हुआ.
खबरों के मुताबिक, सीबीआई की टीम इंदिरा जयसिंह के निजामुद्दीन स्थित घर पर छापे मार रही है. मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के मुताबिक, यह छापे इंदिरा जयसिंह के दिल्ली और मुंबई स्थिति ठिकानों पर भी पड़े हैं. बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह करीब 8.15 बजे सीबीआई की टीम ने इंदिरा जयसिंह और उनके पति वकील आनंद के ठिकानों पर छापे मारने शुरू किए थे. तीस्ता ने अनुसार, उन्होंने दोनों स्थानों पर अपने वकील भेज दिए हैं और वह छापों से संबंधित कानूनी प्रक्रिया का जाय़जा ले रहे हैं. तीस्ता सीतलवाड़ ने सीबीआई द्वारा की गई इस छापेमारी की कड़ी निंदा की. उन्होंने इस कार्रवाई को केंद्र सरकार की बदले की कार्रवाई बताया.

