दिल्ली : बिजली उपभोक्ताओं को झटका लग सकता है. बिजली वितरण कंपनियों ने घाटा पेश कर बिजली दर में बढ़ोत्तरी की मांग की है. बिजली वितरण कंपनियों ने दिल्ली विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव दिया है कि टैरिफ युक्तिकरण किया जाए. क्योंकि पिछले दो साल से बिजली दर में किसी तरह की बढ़ोत्तरी नहीं हुई है.
दिल्ली विद्युत नियामक आयोग बिजली कंपनियों के दायर याचिका पर विचार करने के लिए आम लोगों से सुझाव भी मांगा है. आयोग ने 26 मार्च तक याचिकाओं पर उपभोक्ताओं और अन्य हितधारकों से टिप्पणियों और सुझावों की मांग की है. आयोग इसे लेकर सार्वजनिक सुनवाई कर सकता है और सभी हितधारकों के विचारों पर विचार करते हुए नया टैरिफ आदेश जारी करेगा. बिजली वितरण करने वाली कंपनियों ने आमदनी और खर्च का पूरा ब्यौरा विद्युत नियामक के समझ रखा है.
याचिकाएं बताती हैं कि 2019-20 के लिए राजस्व का अंतर करीब 2968 करोड़ रुपये है, जिसमें बीआरपीएल का 1565 करोड़ रुपये, बीवाईपीएल का 609 करोड़ रुपये और टीपीडीडीएल का 794 करोड़ रुपये शामिल है. संचित राजस्व अंतर की बात करें मो 31 मार्च 2020 तक 50,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है.

