धरोहर श्रृंखला की 30वीं वीडियो सोशल मीडिया पर जारी
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह खाद्य आपूर्ति एवं वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, कांग्रेस विधायक दल नेता आलमगीर आलम, मंत्री बादल पत्रलेख, बन्ना गुप्ता, प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, डा राजेश गुप्ता छोटू,झारखंड प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष शकील अख्तर अंसारी, प्रोफेशनल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षं आदित्य विक्रम जयसवाल,कांग्रेस नेता निरंजन पासवान, प्रदेश कांग्रेस खेल विभाग के चेयरमैन अमरेन्द्र कुमार सिंह, सहित कांग्रेस के वरीष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, विधायकों ,सांसदों ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी द्वारा जारी धरोहर श्रृंखला की तीसवीं वीडियो सोशल मीडिया फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप पर अपलोड कर देश के वर्तमान पीढ़ियों को अवगत कराने का काम किया.
प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा रामेश्वर उरांव आज राष्ट्र निर्माण की अपने महान विरासत कांग्रेस की श्रृंखला धरोहर की तीसवीं वीडियो को अपने सोशल मीडिया व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक एवं ट्विटर पर जारी पोस्ट को शेयर करने के उपरान्त मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान अपने उद्गगार व्यक्त करते हुए कहा कि 1929 में लाहौर कांग्रेस अधिवेशन में 26 जनवरी 1930 को प्रथम स्वाधीनता दिवस मनाने के संदेश ने पूरे देश को क्रांति की भावना से ओतप्रोत कर दिया, यहीं से अंग्रेजी हुकूमत के पतन की शुरुआत हुई, आज का 29 वां धरोहर देशवासियों को स्वतंत्रता संग्राम की उसी गाथा से रूबरू कराता है.
डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि 1905 के बंगाल विभाजन के बाद 1906 में कोलकाता के कांग्रेस अधिवेशन से निकली स्वराज की मांग, जालियांवाला बाग नरसंहार के बाद भारतीय जनमानस में जोर पकड़ने लग गई थी. असहयोग आंदोलन ने स्वराज की इस मांग को मजबूती दी और पंडित नेहरू, सुभाष चंद्र बोस जैसे युवा क्रांतिकारी नेताओं के रूप में स्वराज को ताकत मिलने लगी. साल था 1929 लाहौर में रावी नदी का तट,कांग्रेसका अधिवेशन और अध्यक्ष थे युवा जवाहरलाल नेहरू और अपने अध्यक्षीय भाषण में ही नेहरु जी ने देश को विदेशी शासन से मुक्त कराने के लिए आह्वान कर दिया. पंडित नेहरू ने पूर्ण स्वराज से कम पर कोई समझौता नहीं करने के अपने संकल्प को मजबूती देने के लिए आधी रात को रावी नदी के तट पर भारतीय स्वतंत्रता का प्रतीक तिरंगा झंडा फहरा दिया. लाहौर के इस अधिवेशन से 26 जनवरी 1930 को प्रथम स्वाधीनता दिवस के रूप में देश भर में तिरंगा झंडा फहराया जाने का संकल्प निकला .साथ ही गोल में सम्मेलन के बहिष्कार का निर्णय लेते हुए पूर्ण स्वराज को कांग्रेस ने अपना मुख्य लक्ष्य घोषित करके प्रस्ताव पारित कर दिया.
कांग्रेस विधायक दल नेता आलमगीर आलम ने कांग्रेस की धरोहर उनतीसवीं वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम पर जारी करते हुए कहा कि आज के धरोहर में दर्शाया गया गांधीजी सहित तमाम दिग्गज कांग्रेसी नेताओं ने पूर्ण स्वराज की मांग के समर्थन में देशव्यापी सविनय अवज्ञा आंदोलन छेड़ने का निर्णय लिया, आजादी के लिए भी कोई बलिदान देने को तैयार जनता का भारी संख्या में हिस्सा लेना लाहौर अधिवेशन की बहुत बड़ी विशेषता रही इससे उत्साहित पंडित नेहरू ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया था हमारा लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ स्वाधीनता प्राप्त करना है हमारे लिए स्वाधीनता है पूर्ण स्वतंत्रता.
झारखंड सरकार में कांग्रेस मंत्री बादल पत्रलेख एवं बन्ना गुप्ता ने धरोहर वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल फेसबुक, ट्विटर व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम पर जारी करते हुए कहा कि 1929 के लाहौर कांग्रेस अधिवेशन में ली गई पूर्ण स्वराज की शपथ लगभग 17 साल बाद 15 अगस्त 1947 को पूरी हुई ,लेकिन पूर्ण स्वराज की इस यात्रा में हमारे पूर्वजों ने अनगिनत बलिदान दिए, अंग्रेजों के अत्याचार सहे ,जुल्मों सितम से कई परिवारों को अपना सब कुछ गंवाना पड़ा, लेकिन स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है यह साबित कर दिया.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव एवं डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से धरोहर वीडियो की तीसवीं श्रृंखला जारी करते हुए कहा कि पूर्ण स्वराज की इस यात्रा में इन सबके साथ कदम कदम पर अंग्रेजों की फूट डालो और राज करो की नीति को परास्त किया गया, तब कहीं जाकर पूर्ण स्वराज का सपना साकार हुआ है. हमें उनके बलिदान और संघर्ष को बेकार नहीं जाने देना है.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सुखेर भगत, चैतू उरांव, सन्नी टोप्पो,बेलस तिर्की, फिरोज रिजवी मुन्ना, सोनी नायक, जितेन्द्र त्रिवेदी, विनीता पाठक, विभय शाहदेव, सहित पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, विधायक, सांसद, मंत्रियों ने धरोहर वीडियो को अपने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के समक्ष प्रेषित किया है, जो काफी ट्रेंड कर यहा है.

