पटना : जन संघर्ष मोर्चा के तत्वाधान में पुरानी सिटी कोर्ट (SDO Office) के पास अनुपमा मैरेज हॉल के पास पटना सिटी में एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया . मोर्चा के सभी सदस्यों ने एक स्वर में माँग किया कि लॉक डाउन के कारण बंद पड़े छोटे-बड़ें उद्योग कल कारखाने, शिक्षण संस्थान, होटल, दुकानदार, तथा घरेलु उपभोक्ताओं का विद्युत
फिक्स चार्ज 1 वर्ष वित्तीय वर्ष तक माफ अथवा मुक्त किया जाए.चूंकि उपभोक्ताओं को लॉक डाउन के वजह से किसी भी तरह का आर्थिक, गतिविधी या व्यापार नहीं हो सका. कल-कारखाना, होटल, शिक्षण संस्थान इत्यादि सभी बंद रहे जिससे आम नागरिको को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसी स्थिति में बिना विद्युत उपयोग किए हुए, विद्युत
विभाग व्यवसाइयों एवं दुकानदारो शिक्षण संस्थान आदि से विद्युत फिक्स चार्ज वसूल रहा है जो जनहित में
उचित नहीं है. सरक्षक, गिरजा शंकर प्रसाद ने कहा कि विद्युत विभाग द्वारा
अनाप-शनाप विद्युत बिल आम जनों के पास भेजा जा रहा है, जो जनहित में उचित नहीं है, उसपर
अविलम्ब रोक लगे .रजनीश राय ने कहा कि हमेशा विधुत फिक्स
चार्जकी माफी की बात करते रहे हैं.
वलरान चौधरी ने कहा कि अन्य प्रदेशों लॉक डाउन के दौरान बिजली बिल तथा स्कूल
फीस न लेने की घोषणा की गई है, अतः बिहार में भी इसी तरह की सुविधा लागू की जाए.
महासचिव-उमेश पडित ने कहा कि बिहार में दोहरी नीति अपनाई जाती है. दिल्ली, झारखाण्ड,
पं० बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब तथा अन्य प्रदेशों में उद्योगों तथा घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को विद्युत फिक्स
चार्ज से राहत मिली है और व्यावसाईयों को भी प्रोत्साहन मिला रहा है.

