रांची: वंशवाद और परिवारवाद की मोह जाल में फंसी कांग्रेस पार्टी को लोकतंत्र पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. यह बात भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं सांसद समीर उरांव ने कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंत्री रामेश्वर उरांव के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और लोकतंत्र दोनों विरोधाभासी हैं. जिस पार्टी के नेताओं ने लगातार लोकतंत्र और देश की संवैधानिक व्यवस्था का मखौल उड़ाया हो, वे आज लोकतंत्र की बात कर रहे.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने तो 1975 में आपातकाल लगाकर देश मे लोकतंत्र की हत्या कर दी थी. ये तो भारत की जनता है जिसने अपनी कुर्बानी देकर यहां के लोकतंत्र को बचा लिया.
उन्होंने कहा कि 1992 के अयोध्या प्रकरण में एक साथ चार चुनी हुई सरकार को गिराने वाले आज लोकतंत्र की बात कर रहे. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन का जितना दुरुपयोग कांग्रेस पार्टी ने किया है वह भारत के इतिहास का काला अध्याय है.
उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने प्रधानमंत्री से बड़ा एक परिवार को माना, जिनके नेता ने अपनी पार्टी के ही सरकार के कैबिनेट के फैसले को चैराहे पर फाड़ दिया हो, जिस पार्टी ने चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था पर प्रश्न खड़ा किये हों, जिसने भारत के सर्वोच्च न्यायालय को गुमराह किया हो, जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया हो उनके द्वारा मर्यादा की बात समझ से परे है.
उन्होंने कहा कि न तो कांग्रेस पार्टी को लोकतंत्र में विश्वास है न कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार को. कांग्रेस पहले स्वयं लोकतंत्र का सम्मान करना सीखें, भारतीय जनता पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता लोकतंत्र की रक्षा के लिये संकल्पित है.

