देहरादून: नैथाणा और रानीहाट गांव में रेल परियोजना में स्थायी रोजगार की मांग के लिए महिलाओं ने खाली बर्तन बजाकर श्रीनगर में जुलूस-प्रदर्शन किया. उन्होंने डेढ़ माह बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर रेलवे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.
रविवार को टिहरी जिले के नैथाणा और रानीहाट की महिलाओं ने धरना स्थल नैथाणा से श्रीनगर तक जुलूस निकाला. महिलाओं ने बर्तन बजाकर सरकार और रेलवे का ध्यान खींचा. गोला पार्क में आयोजित संक्षिप्त सभा में वक्ताओं ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग परियोजना प्रभावित 11 जनवरी से नैथाणा में आंदोलन कर रहे हैं. लंबे समय तक आंदोलन चलने के बावजूद उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हो रही है.
उन्होंने कहा कि प्लेटफार्म और रेल मार्ग की वजह से उनकी उपजाऊ जमीन अधिग्रहीत कर ली गई. इससे उनके समक्ष रोजगार की समस्या हो गई है. कहा कि रेलवे में प्रभावितों को रोजगार मिलना चाहिए. उन्हें रोजगार के बदले रुपये नहीं चाहिए. जब तक रोजगार नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. प्रदर्शन में समीर रतूड़ी, विनोद चमोली, प्रधान नैथाणा आशा भट्ट, भारती चौहान, कमला देवी, मीरा देवी, विकास रावत, भीम सिंह चौहान, आशीष नेगी, रोशनी व ध्यान सिंह आदि शामिल थे.

