दुमका: उपायुक्त राजेश्वरी बी की अध्यक्षता में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) 2020 कार्यक्रम से संबंधित बैठक की समाहरणालय सभागार में गई. बैठक में फाइलेरिया पर नियंत्रण के संबंध में विस्तार पूर्वक चर्चा की गई.
मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) 2020″ कार्यक्रम के तहत गांव के आंगनबाड़ी केंद्र, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उपकेंद्र तथा जिला अस्पताल, दुमका में तथा शहरी क्षेत्रों में भी बूथ स्थापित किया गया. जिसमें 10 से 12 अगस्त 2020 तक 52.93% आबादी को बूथ पर ही फाइलेरिया पर नियंत्रण के लिए डीईसी एवं अलबेण्डाजोल दवा खिलाया गया. जामा एवं शिकारीपाड़ा प्रखंड के एमओआईसी ने सबसे अधिक आबादी को कवर किया. उपायुक्त ने कार्य की सराहना की.
उपायुक्त ने आदेश दिया कि छूटी हुई आबादी को घर-घर जाकर दवा का सेवन कराया जाए. यह अभियान 20 अगस्त तक चलाया जाएगा. 1 दिन में दवा प्रशासक 25 से 30 घरों में अपने सामने दवा सेवन करवाना सुनिश्चित करेंगे. दवा सेवन कराने के उपरांत लागू के कनिष्ठ उंगली में निशान लगाएंगे, ताकि एक व्यक्ति द्वारा एक बार ही दवा का सेवन किया जा सके. दवा प्रशासकों द्वारा हाउस मार्किंग किया जाना है कि घर के सभी लाभुकों को दवा सेवन करा दिया गया है. दुमका जिला में कुल 2656 गांव, 2588 टीम, 5117 कार्यकर्ता एवं 471 पर्यवेक्षक शामिल किया गया है. जिसमें कुल 1372367 लक्षित जनसंख्या को डीईसी एवं अलबेण्डाजोल गोली की एक खुराक खिलाया जाना है.
उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान के तहत लोगों को जागरूक किया जाए कि डीईसी एवं अलबेण्डाजोल एक सुरक्षित दवा है. फिर भी 1 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जानी है. किसी भी स्थिति में खाली पेट में दवा का सेवन ना करें. प्रत्येक अभियान द्वारा दवा के वितरण से माइक्रोफाइलेरिया को समुदाय में फैलने से रोका जाता है. जिससे मच्छरों द्वारा अन्य स्वस्थ व्यक्ति को इसके संक्रमण से बचाया जा सके.
पूरे कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु सुरक्षा के मापदंडों (सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क एवं सैनिटाइजर) का पालन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया जाना है. इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए डब्ल्यूएचओ एवं पीसीआई का पूर्ण सहयोग प्राप्त है. बैठक में प्रशिक्षु आईएएस दीपक कुमार दुबे, सिविल सर्जन अनंत झा, सभी प्रखंड के एमओआईसी, डब्लूएचओ के सदस्य एवं अन्य उपस्थित थे.

