लोहरदगा: उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो की अध्यक्षता में विकास समन्वय की बैठक हुई. बैठक में सर्वप्रथम इंजीनियरिंग विभाग (पथ, ग्रामीण कार्य, विशेष प्रमण्डल, लघु सिंचाई, भवन प्रमण्डल इत्यादि) के द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई. इसमें प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत पथ निर्माण, पुल निर्माण, राज्य संपोषित योजनाएं, पीसीसी पथ, सड़क का कालीकरण, लघु सिंचाई की योजनाएं समते अन्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्हें जल्द पूर्ण करने का निर्देश दिया गया.
सामाजिक सुरक्षा कोषांग को आदेश दिया गया कि जिले में पेंशन की जितनी रिक्तियां हैं, उन्हें जल्द भरा जाय. जो आवेदन आते हैं, उन्हें जल्द स्वीकृत किया जाय. दिव्यांगों, आदिम जनजाति इस लाभ से वंचित ना रहें. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना और मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना की सभी रिक्तियां जल्द भरी जायें. कंबल वितरण के लिए लाभुकों की सूची प्रखण्डों से प्राप्त कर ली जाये, तदानुसार कंबल वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाय.
पथ निर्माण प्रमण्डल को निर्देश दिया गया कि लोहरदगा-किस्को मोड़ से रिचुघुटा पथ के 31.50 तक दो लेन पथ का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकण का शेष कार्य की अंतिम मापी करा ली जाये. यदि मापी के समय संवेदक या उसके प्रतिनिधि उपस्थित नहीं रहते हैं, तो विभाग द्वारा अंतिम रूप से मापी करा ली जाय. साथ ही एकरारनामा टर्मिनेट करने की भी कार्रवाई की जाय.
उपायुक्त द्वारा मनरेगा योजनाओं के अंतर्गत मानव दिवस सृजन, दीदी बाड़ी योजना, जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा की गई और मानव दिवस बढ़ाने का आदेश दिया गया. योजनाओं की जियो टैगिंग करने व उन्हें पूर्ण करने करने का निर्देश दिया गया.
बैठक में प्रखण्डवार कुआं, डोभा, तालाब, दीदीबाड़ी योजना, कंपोस्ट पिट योजनाओं की समीक्षा की गई और उन्हें जल्द पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त ने कहा कि बिना ग्रामसभा की सहमति से कोई भी योजना पारित ना की जाय. डोभा निर्माण का कार्य जल्द प्रारंभ किया जाय, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसमें जोड़ा जा सके. साथ ही अधिक से अधिक श्रमिकों को काम मिल सके. मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी को दीदी बाड़ी योजना का प्रतिदिन समीक्षा करने का निर्देश दिया गया.
उपायुक्त ने कहा कि सभी अंचलों में वनपट्टा के लाभुकों के चयन के लिए ग्राम सभा करा ली जाय. साथ ही, प्रस्तावित लाभुकों की सूची अनुमण्डल स्तर पर भेज कर स्वीकृत करा ली जाय, जिसके बाद अंतिम रूप से जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा निर्णयोपरांत 25 दिसंबर तक लाभुकों की अंतिम सूची तैयार कर ली जानी है. वैसे लोग जो वनभूमि पर वर्ष 2006 से पूर्व से आश्रित हैं वैसे लोगों या सामुदाय को वनपट्टा का अधिकार दिया जाना है.
बैठक में केसीसी की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के जिन लाभुकों को अब केसीसी का लाभ नहीं मिल सका है, उन्हें त्वरित केसीसी का लाभ दिया जाय. साथ ही नये केसीसी के लिए भी आवेदन जेनरेट किये जायें.
बैठक में आईटीडीए परियोजना निदेशक संजय कुमार, अनुमण्डल पदाधिकारी अरविंद कुमार लाल, सभी संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी व अन्य उपस्थित थे.

