सिरसा(हरियाणा): दशरथ यादव को आईबी, गुप्तचर विभाग हरियाणा और सीआईए की टीम ने गांव दादू से गिरफ्तार कर लिया है. आपको बतां दें की गया के महाबोधि मंदिर में बम ब्लास्ट मामले का वांछित है दशरथ यादव . माओवादी संगठन से जुड़ा यह आरोपी बिहार के गया जिले के बारहपत्ती थाना क्षेत्र में खपिया गांव का रहने वाला है. सुरक्षा एजेंसियों ने उसे शराब ठेके पर काम करते हुए पकड़ा है. अदालत से भगोड़ा घोषित दशरथ पहचान छुपाकर राजू के नाम से नवंबर 2019 से गांव दादू में शराब ठेके पर काम कर रहा था.
गया के महाबोधि मंदिर में जुलाई 2013 में बम ब्लास्ट हुआ था. इस मामले की एनआईए भी जांच कर रही थी. इस मामले में गिरफ्तार आरोपी विनोद मिस्त्री के बैग में मिली पर्ची से दशरथ यादव का मोबाइल नंबर मिला था. उसके बाद एनआईए ने उसे हिरासत में लिया था. यह सरकारी राशन की दुकान भी चलाता था. वह बेल जंप कर गया था. तब अदालत ने उसे पीओ घोषित किया था.
जानकारी के मुताबिक आरोपी पिछले काफी समय से सिरसा जिले में अलग-अलग जगहों पर रह रहा था. सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला कि सिरसा में दशरथ अपनी पहचान छुपाकर रह रहा है. जानकारी पुख्ता होने के बाद सीआईए, गुप्तचर विभाग हरियाणा व आईबी की संयुक्त टीम ने दशरथ को ठेके से गुरुवार शाम को काबू कर लिया. सुरक्षा एजेंसियों ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. इस संबंध में बिहार पुलिस को सूचना दे दी है. आरोपी को बिहार पुलिस के हवाले किया जाएगा.
सिम कार्ड गांव के ही एक व्यक्ति के नाम पर था
आरोपी अपने परिजनों व अन्य लोगों से बातचीत के लिए जिस सिम का प्रयोग करता था, वह गांव दादू के ही एक व्यक्ति के नाम पर लिया हुआ था. वह गांव के पूर्व सरपंच के शराब ठेके पर काम करता था. इससे पहले वह सिरसा में एक शराब ठेके पर काम कर चुका था. सुरक्षा एजेंसियों की टीम आरोपी को अज्ञात स्थल पर ले गई है और उससे पूछताछ कर रही है. जानकारी के अनुसार आरोपी माओवादी गतिविधियों को अंजाम देकर सिरसा आ जाता था.

