ब्यूरो चीफ
रांची: झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के आदेश के बावजूद राजधानी में 12 बजे रात तक पटाखे जलाए गए. दीवाली में जम कर आतिशबाजी हुई. लोगों ने अपने परिवारों के साथ जम कर पटाखा छोड़ दीपावली मनायी. अपर बाजार, हिनू, डोरंडा, मोरहाबादी, बरियातू, रातू रोड, पुंदाग, धुर्वा और अन्य जगहों पर जम कर लोगों ने पटाखे छोड़े.
पर्षद की तरफ से दीपावली की रात्रि में 10 बजे के बाद पटाखा फोड़ने पर एक लाख रुपये का जुर्माना और पांच वर्ष तक की सजा का आदेश जारी किया गया था. पर्षद के अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण कानून के तहत यह आदेश जारी किया था. इसमें दीपावली के दिन होनेवाले वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण को देखते हुए लोगों पर आदेश के जरिय सख्ती से निबटने की बातें कही गयी थीं. सभी थानों के प्रभारियों को 10 बजे के बाद पटाखे फोड़नेवालों पर कड़ी नजर रखने और निगरानी कर कार्रवाई करने का आदेश जारी किया गया था.
सिर्फ दो घंटे की ही पटाखे फोड़ने की थी इजाजत
सदस्य सचिव की तरफ से दीपावली के दिन रात्रि आठ बजे से 10 बजे तक ही पटाखे फोड़ने की इजाजत दी गई थी. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि लिथियम, अर्सेनिक, एंटीमनी, लीड और मरक्यूरी वाले पटाखे बेचे गये तो उस दुकान का लाइसेंस जब्त कर लिया जायेगा. साथ ही ऑनलाइन पटाखे खरीदने वालों पर भी नजर रखी जायेगी, पर ये आदेश और दावे खोखले ही रह गये. रांचीवासियों ने जम कर आतिशबाजी की और सरकार के आदेश को धत्ता बता दिया.
क्या था प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का डर
झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद को डर था कि अत्यधिक पटाखा फोड़े जाने अथवा अनार जलाने से वायुमंडल में कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाई आक्साइड और बेंजोइन की मात्रा अत्यधिक हो जायेगी. इससे ओजोन लेवल को खतरा हो सकता है और आक्सीजन की मात्रा कम हो सकती है.

