जम्मू: पुलिस के निलंबित उपाधीक्षक देवेंद्र सिंह मामले में जम्मू-कश्मीर में आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं. इस मामले की जांच को लेकर मंगलवार सुबह से ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है.
मालूम हो कि जम्मू में विशेष अदालत के समक्ष दाखिल एनआईए के आरोपपत्र के मुताबिक सिंह पाकिस्तान उच्चायोग में अपने आका के संपर्क में था, जिसे बाद में इस्लामाबाद भेज दिया गया. सिंह जम्मू कश्मीर पुलिस की ‘एंटी हाइजैकिंग यूनिट’ में तैनात था.
देवेंद्र सिंह के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत 3064 पन्ने का आरोपपत्र दाखिल किया गया था. इसमें आतंकवादी संगठन के आतंकवादियों को पनाह देने में पुलिस अधिकारी की संलिप्तता का ब्योरा रखा गया था.
आरोपपत्र में कहा गया था कि उसने (देवेंद्र सिंह) पाकिस्तान उच्चायोग में अपने संपर्क का नंबर ‘पाक भाई’ के नाम से सेव करके रखा था. उसका संपर्क उसे बलों में तैनाती और कश्मीर घाटी में ‘अति विशिष्ट लोगों के आगमन’ सहित कई कार्यों की जिम्मेदारी देता था.
हिजबुल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाने के बाद सिंह को उसके पाकिस्तानी आका ने विदेश मंत्रालय में संपर्क स्थापित करने को कहा था. एनआईए के अधिकारियों ने कहा था कि हालांकि सिंह को पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारियों के नापाक मंसूबे को पूरा करने में कामयाबी नहीं मिली.

