रांची:-जिन लोगों को बॉडीगार्ड मिला है उनसे इस एवज में पूरा भुगतान करने के मामले की समीक्षा डीजीपी नीरज सिन्हा करेंगे. झारखंड में पहले पहुंच वाले लोगों का बॉडीगार्ड वापस लिया गया बाद में पैरवी पर क्रमवार दे दिया गया जिन्हें बॉडीगार्ड दिया गया है. उनमें कुछ व्यवसाई भी शामिल है कुछ ऐसे लोग भी हैं. जिन्हें सही में जान का खतरा है. अब स्थिति यह है कि करीब 10 दिन से क्रमवार सभी को नोटिस भेजा जा रहा है. जिनमें बॉडीगार्ड रखने के एवज में उसका पूरा भुगतान करने का निर्देश दिया गया है. वैसे लोगों की परेशानी बढ़ गई है जो शौकिया तौर पर बॉडीगार्ड रखे हुए थे जिनके पास अंगरक्षक भेजा गया था. उन्हें यह नहीं बताया गया था कि अंगरक्षक के एवज में उसके वेतन और भत्ता का भुगतान उन्हें करना होगा अब उनकी बेचैनी बढ़ गई है.
हाई कोर्ट पहुंचा मामला
धनबाद के एक व्यक्ति को न्यायालय के आदेश पर सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी जब बॉडीगार्ड वापस हुआ तो उसका भी हो गया सुरक्षा कारणों से उसे बॉडीगार्ड मिला था जब उसका बॉडीगार्ड वापस लिया गया तो वह हाईकोर्ट पहुंच गया अब कई और लोग बगैर सूचना के बॉडीगार्ड रखने के एवज में पैसा मांगने के मामले को लेकर कोर्ट जाने की सोच रहे हैं।

