रांची: इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इंडिविजुअल टैक्स देने में सबसे अव्वल रहे. उन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 28 करोड़ रुपये टैक्स दिया है.
झारखंड में 4,150 करोड़ के आयकर विवाद से संबंधित 742 मामले इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (आइटीएटी) में लंबित हैं. इनमें आयकर दाता के 2,100 करोड़ और विभाग के 2,050 करोड़ का विवाद शामिल है. यह जानकारी रांची के प्रधान आयकर आयुक्त डीएस बेनुपानी ने प्रेस को दी.
कार्पोरेट सेक्टर में टैक्स देने के मामले में सीसीएल अव्वल है. उसने करीब 1100 करोड़ रुपये टैक्स दिया है. इसी तरह झारखंड स्टेट बीवरेज कार्पोरेशन ने लगभग 108 करोड़, आर्सेलर मित्तनल ने 90 करोड़, झारखंड स्टेखट बिल्डिंग कंस्ट्र क्शटन कार्पोरेशन ने 78 करोड़, पासा रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड ने लगभग 70 करोड़ ने दिया.
आर.के. कंस्ट्रक्शन ने 30 करोड़ दिया टैक्स
टैक्स देने वालों की टॉप टेन सूची में राम कृपाल सिंह कंस्ट्र्क्शन भी शामिल है. उसने 30 करोड़ रुपये टैक्स दिये हैं. लक्ष्मी नारायण मनमोहन लाल फार्म ने करीब 23 करोड़, रॉकटेक मेटल्सश प्राइवेट लिमिटेड ने करीब 18 करोड़ रुपये और राज अस्पताल ने लगभग 17 करोड़ रुपये टैक्स दिया है.
चालू वित्तीय वर्ष में एडवांस टैक्स देने में सीसीएल, टिमकेन इंडिया लिमिटेड जमशेदपुर, जामीपोल लिमिटेड जमशेदपुर, बिग शॉप रांची, कश्यप मेमोरियल आई अस्पताल रांची, ब्रदर्श एकेडमी रांची, उदय शंकर प्रसाद रांची शामिल हैं.

