रीवा: कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में राजस्व अधिकारियों की प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई. कार्यशाला में रीवा संभाग के कमिश्नर राजेश कुमार जैन ने राजस्व अधिकारियों को भू राजस्व संहिता के नवीन प्रावधानों तथा राजस्व प्रकरणों के निराकरण का प्रशिक्षण दिया.
कार्यशाला में डीआईजी अनिल सिंह कुशवाह, कलेक्टर इलैयाराजा टी, एडीएम इला तिवारी तथा सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे.
कार्यशाला में कमिश्नरजैन ने कहा कि राजस्व अधिकारियों को भू राजस्व संहिता ही अपना कार्य करने का अधिकार देती है. भू राजस्व संहिता तथा अन्य नियमों एवं विधानों का नियमित रूप से अध्ययन करे.
भू राजस्व संहिता के प्रावधानों के अनुसार राजस्व प्रकरणों का निराकरण करें. भू राजस्व संहिता के प्रावधानों में 10 जुलाई 2019 को व्यापक परिवर्तन किये गये हैं. इसके 121 प्रावधानों में संशोधन किया गया है जिसके कारण राजस्व न्यायालयों की प्रक्रिया में कई परिवर्तन हुए हैं.
अब भू राजस्व संहिता भी दण्ड प्रक्रिया संहिता के अनुरूप हो गई है. सभी राजस्व अधिकारी नवीन प्रावधानों के अनुसार प्रकरणों का निराकरण करें. इसमें राजस्व प्रकरण दायर करने, पीठासीन अधिकारी के कार्य, प्रकरणों की सुनवाई, राजस्व प्रकरण में सम्मन की तामीली आदि के सबंध में कई नये प्रावधान किये गये हैं.
कमिश्नर जैन ने कहा कि राजस्व प्रकरण चार तरह से दर्ज किये जा सकते हैं. इसे निम्नतम न्यायालय में आवेदन देकर, पीठासीन अधिकारी को आवेदन देकर, लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से तथा डाक अथवा कोरियर से भी प्रकरण दर्ज किया जा सकता है.
लोक सेवा केन्द्र में निर्धारित शुल्क लेकर प्राप्त प्रकरण को आरसीएमएस में दर्ज करना आवश्यक होता है. कमिश्नर ने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी भू राजस्व संहिता के प्रावधानों, पूर्व में निराकृत राजस्व प्रकरणों का नियमित रूप से अध्ययन करें.
राजस्व प्रकरणों की सुनवाई करते समय निर्णय तथा अन्य विवरण राजस्व अधिकारी स्वयं दर्ज करें. कार्यशाला में कमिश्नर ने आवेदन पत्र तथा राजस्व प्रकरण दर्ज करने, प्रकरण में गवाही, सम्मन की ई-मेल से तामीली, समाचार पत्रों के माध्यम से सूचना के प्रकाशन की जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि यदि पक्षकार जिले अथवा राज्य के बाहर का है तो उसे ई-मेल के माध्यम से सम्मन की तामीली करायें. जिले में तीन सर्वाधिक प्रसार संख्या वाले समाचार पत्रों की जानकारी जनसम्पर्क कार्यालय से प्राप्त कर उनमें राजस्व प्रकरण के संबंध में सूचना प्रकाशित करायें.

