रांची:- झारखंड प्रदेश प्रोफेशनल्स कांग्रेस के द्वारा शुक्रवार को अरगोड़ा पुंदाग मस्जिद के समीप राजधानी में दोबारा बढ़ रहे कोरोना वायरस को सख्ती से रोकने के लिए मास्क और सैनिटाइजर का वितरण किया गया. इस मौके पर प्रदेश प्रोफेशनल्स कांग्रेस के अध्यक्ष आदित्य विक्रम जायसवाल ने लोगों को मास्क और सैनिटाइजर देते हुए लोगों को कोरोना वायरस के सकेंड पीक से बचाओ के बारे में बताया. इसके साथ ही महिलाओं की सशक्तिकरण, स्वरोजगार के बारे में भी बताया.
प्रदेश प्रोफेशनल्स कांग्रेस के अध्यक्ष आदित्य विक्रम जायसवाल ने कहा कि राजधानी में कोरेाना का प्रकोप दोबारा बढ़ रहा है, ऐसे में सर्तक और सावधान रहने की जरूरत है. लोगों की लापरवाही के कारण आज फिर से कोरोना वायरस तेजी से दस्तक दे रहा है जो काफी चिंताजन है. उन्होंने कहा कि सरकार का गाइडलाइन्स का अनुपालन करें, कोरोना टीका लगाए जाने की जब बारी आये तो अवश्य लगाए तथा दूसरों को भी प्रेरित करें.
वहीं प्रदेश प्रोफेशनल्स कांग्रेस के अध्यक्ष आदित्य विक्रम जायसवाल ने महिला सशक्तिकरण पर कहा कि सशक्त महिला, सशक्त समाज देश के विकास में दोनों ही एक-दूसरे के पूरक हैं. समाज व देश विकास में महिलाओं की शक्तिकरण जरूरी है. महिलाओं को आध्यात्मिक, राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त करने से हीं मजबूती मिलेगी.
भारत का संविधान सभी भारतीय महिलाओं की समानता की गारंटी देता है. राज्य द्वारा किसी के साथ लैंगिक आधार पर कोई भेदभाव नहीं करता. सभी को अवसरों की समानता प्राप्त है. राज्य द्वारा महिलाओं व बच्चों के पक्ष में विशेष प्रावधानों की अनुमति देता है. भारत सरकार ने 2001 को महिला सशक्तिकरण वर्ष (स्वशक्ति) घोषित किया. सन् 2001 में महिलाओं के सशक्तिकरण की नीति पारित की गई.
देश में ना तो महिलाओं को सशक्त बनाने वाली सरकारी योजनाओं की कमी है और ना ही स्त्री विमर्श करने वालों की. फिर भी लगता है कि जो कुछ भी हो रहा है, वह व्यवहारिक जीवन में हमारे आसपास के परिवेश में नजर नहीं आ रहा है, जो हमारे लिए विचारणीय है.
इस मौके पर मुख्य रूप से प्रोफेशनल कांग्रेस के रांची जिला अध्यक्ष भुवनेश ठाकुर, रांची जिला सचिव कोमल कृति, प्रदेश सचिव ख्याति मुंजाल,प्रदेश कोऑर्डिनेटर विद्याकर कुंवर, डॉक्टर जीगिशा श्रीवास्तव,उषा प्रसाद,पूजा वर्मा, प्रेमशिला, प्रिंस मुनोअर,अमरजीत सिंह, राजीव कुमार, सूरज झा, पुनीत कुमार,विकी गोप, सोहन पाहन आदि मौजूद थे.

