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पूरे जिले में राशन कार्ड आवेदकों को 1रुपए/किलो की न्यूनतम दर पर दिया जा रहा है पीडीएस राशन
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घर-घर भिजवाया जा रहा है राशन
रांची: वैश्विक महामारी कोविड-19 के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के दौरान हिंदपीढ़ी कंटेनमेंट जोन में 9000 लाभुकों तक डोर स्टेप डिलीवरी के जरिए अप्रैल एवं मई माह का राशन वितरित करवाया जा चुका है.
हिंदपीढ़ी स्थित गुरुनानक पब्लिक स्कूल में हिंदपीढ़ी कमांड एंड कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. जहां से प्रतिदिन टेम्पु में अनाज लादकर वितरण हेतु गलियों में भेजा जा रहा है. उपविकास आयुक्त रांची लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं कि कंटेनमेंट जोन में रहने वाले किसी भी परिवार को अनाज की कमी न हो.
रांची जिला के हिंदपीढ़ी क्षेत्र से सर्वाधिक कोरोना मरीजों की पुष्टि होने के बाद उक्त क्षेत्र को रांची जिला प्रशासन द्वारा कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था. जिसके पश्चात उस क्षेत्र विशेष में किसी भी गैर आधिकारिक व्यक्ति का प्रवेश वर्जित कर दिया गया, इसके अलावा उस क्षेत्र के लोगों के बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई. जिससे कि कोरोना के प्रसार को शहर के दूसरे हिस्सों में जाने से रोका जा सके.
लेकिन आमजनों को जीवन यापन करने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके मद्देनजर उपायुक्त रांची राय महिमापत रे के निर्देशानुसार खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा मई एवं अप्रैल माह का राशन आकस्मिक तौर पर एडवांस में वितरित करवाने का निर्देश दिया गया था. जिसके पश्चात 9000 लाभुकों को अप्रैल एवं मई माह का पीडीएस राशन उपलब्ध करवा दिया गया.
उप विकास आयुक्त रांची अनन्य मित्तल एवं कमांड कंट्रोल रूम के वरीय पदाधिकारी अपर समाहर्ता नक्सल राजेश बरवार द्वारा पीडीएस खाद्यान्न आपूर्ति की निगरानी एवं घर-घर तक आपूर्ति सुनिश्चित कराने एवं वितरण कार्य में लगे कर्मियों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है.
जिला आपूर्ति पदाधिकारी मीणा ने बताया कि पूरे जिले में खाद्यान्न आपूर्ति एडवांस में सुनिश्चित की जा रही है. साथ ही ऐसे लोग जिनका राशन कार्ड नहीं बन पाया है. उनलोगों को भी एक रुपये/किलो की न्यूनतम दर पर राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है ताकि लॉकडाउन के दौरान कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे.

