जगदम्बा प्रसाद शुक्ल,
प्रयागराज: जिलाधिकारी भानु चन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में संगम सभागार में शुक्रवार को देर शाम जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की गयी. बैठक में जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को निर्देशित किया कि जनपद के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में प्रधान को ये बता दें कि उनके ग्राम सभा में यदि किसी भी व्यक्ति को लक्षण दिखायी दे, तो वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों पर परीक्षण अवश्य करा ले.
जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को ग्राम सभाओं में साफ-सफाई, जल जमाव न होने देना, दवा का छिड़काव आदि की नियमित समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है, जिससे कि कोई दूसरी बीमारी न फैले, इसका भी विशेष ध्यान दिया जाये.
बैठक में यूनिसेफ के मंडलीय प्रतिनिधि अरविंद कुमार शर्मा ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पीसीवी वैक्सीन के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि ये कोई नई वैक्सीन नही है.
उत्तर प्रदेश में अप्रैल 2017 से तीन चरणों में 19 जनपद में इसे पहले ही लगाया जा रहा है. दिनांक 8 अगस्त 2020 से प्रदेश के 56 जिलों में इसकी शुरूआत की जाएगी. ये एक सुरक्षित टीका है.
एक आकड़े के अनुसार 1000 नवजात शिशुओं में से 7 की निमोनिया से मृत्यु हो जाती है ये टीका बच्चो में निमोनिया के बैक्टीरिया से लड़ने के लिए उनकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में काफी सहायक होगा जिससे निमोनिया से होने वाली मृत्यु में कमी आएगी.
ये टीका जन्म से एक वर्ष के बीच छह सप्ताह, चौदह सप्ताह एवं नौ माह पर लगया जायेगा. पी सी वी एक महंगा टीका है जिसे सरकार राष्ट्रीय टीकाकरण सारणी में शामिल कर निशुल्क उपलब्ध कराएगी.
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आशीष कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी जी0एस0 वाजपेयी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, डीएमसी यूनिसेफ, डीपीएम आदि अधिकारीगण बैठक में उपस्थित रहे.

