गुना: कलेक्टर कुमार पुरूषोत्तम ने जिला चिकित्सालय प्रबंधन को निर्देशित किया है कि अस्पताल की भोजन व्यवस्था दुरूस्त रहे. इस उद्देश्य से प्रशासनिक कसावट लाएं. शासकीय सेवक तंत्र का महत्वपूर्णं अंग है. परस्पर सहयोग एवं सामंजस्य से व्यवस्थाएं सुधारें.
उन्होंने यह बात समय-सीमा बैठक में चिकित्सालय की भोजन व्यवस्थाओं को लेकर आ रही शिकायतों के मद्देनजर समीक्षा के दौरान कही. उन्होंने कहा कि किसी भी उपचार हेतु भर्ती रोगी को खुला भोजन नहीं दिया जाए. सभी को भोजन पैकेट में मिले.
इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण आजीविका मिशन को कोविड-19 के मद्देनजर भोजन व्यवस्था हेतु 7 दिवस का मीनू बनाने के भी निर्देश दिए.
इस अवसर पर उन्होंने उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं को निर्देशित किया कि गुना नगर को आवारा पशुओं से निजात दिलाने हेतु ठोस कार्य योजना बनाएं. आवारा पशुओं को कहां रखा जाएगा ? उनके भोजन आदि कि क्या और कैसे व्यवस्था की जाएगी ?
कार्ययोजना में शामिल रहे. उन्होंने इस हेतु कार्य योजना को सड़क सुरक्षा समिति की आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश भी उप संचालक पशु चिकित्सा को दिए.
बैठक में उन्होंने नवीन पात्रता पर्ची बनाए जाने एवं आधार सीडिंग कार्य कि प्रगति की समीक्षा के दौरान जिले के सभी जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कनिष्ट आपूर्ति अधिकारी एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगरीय निकायों को 21 अगस्त 2020 तक की समय सीमा तय करते हुए आधार सीडिंग का कार्य अनिवार्यत: पूर्णं करने के निर्देश दिए.
इसके साथ ही वनाधिकार अधिनियम अंतर्गत प्रचलित आवेदनों का निराकरण ग्राम वनाधिकार समिति से कराया जाकर अनुविभाग स्तर पर गठित उप खण्ड स्तरीय समिति को 21 अक्टूबर 2020 भेजने के निर्देश दिए. उन्होंने उक्त कार्यो की समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के सर्वसंबंधितों को स्पष्ट निर्देश भी दिए.
बैठक में उन्होंने सीएम हेल्प लाईन की समीक्षा के दौरान 300 दिवस अवधि से अधिक अवधि की लंबित 20 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण नहीं करने वाले संबंधित कार्यालय प्रमुखों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए.
इसके साथ ही उन्होंने सीएम हेल्प लाईन की समस्त शिकायतों एवं आवेदनों का आवेदक से चर्चा कर उसकी संतुष्टी उपरांत निराकरण करने के भी निर्देश दिए.
इस अवसर पर अपर कलेक्टर उमेश शुक्ला, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत निलेश परीख सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रमुख उपस्थित रहे.

