रांची:- रांची के सांसद संजय सेठ ने किसानों से धान खरीद के मामले में राज्य सरकार को आड़े हाथ लिया है. उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है और बिचौलियागिरी को बढ़ावा व संरक्षण दे रही है. राज्य सरकार की व्यवस्था से किसानों का विश्वास टूट चुका है, इसलिये किसान औने-पौने दाम पर धान बेचने को मजबूर हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार को चाहिए कि बात-बात पर केंद्र सरकार को कोसने और किसान और कृषि जैसे मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय अपने राज्य की व्यवस्था पर ध्यान दें. आज राज्य के किसान जिस तरह बिचौलियों की जद में घिरे पड़े हैं, ऐसा लग रहा है जैसे राज्य सरकार बिचौलियों को बढ़ावा दे रही है. बिचौलियों को खुला संरक्षण राज्य सरकार का है वरना जब केंद्र सरकार ने धान की एमएसपी तय कर दी है तो फिर महज 12 सौ और 13 सौ रुपए क्विंटल धान बेचने और खरीदने की क्या मजबूरी हो सकती है? राज्य सरकार इस पर अविलंब कड़ा कदम उठाए और ऐसे बिचौलियों पर कठोर कार्रवाई करें.
उन्होंने कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री खुद हर बात में केंद्र सरकार का रोना रोते हैं. केंद्र सरकार को राज्य की जनता के बीच बदनाम करने का काम करते हैं जबकि सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. ऐसे कदम जो किसानों के लिए दूरगामी लाभ देने वाले हैं. झारखंड की सरकार अपनी राजनीति के लिए उसे अपने राज्य में लागू नहीं करना चाहती और केंद्र सरकार को बदनाम करना चाहती है. झारखंड की ठगबंधन वाली सरकार को यह मालूम है कि केंद्र की योजनाएं किसानों के हित में लागू की गई तो किसान खुशहाल होंगे. परंतु किसानों की खुशहाली से, राज्य में रोजगार से, भ्रष्टाचार रोकने से, अपराध रोकने से इनका कोई सरोकार नहीं है. इनका सरोकार सिर्फ और सिर्फ गंदी और घिनौनी राजनीति करने से है. केंद्र सरकार को बदनाम करने से है. श्री सेठ ने कहा कि मैं राज्य सरकार को खुली चुनौती देता हूँ कि इनके मंत्री केंद्र को कोसना बंद करें और यदि हिम्मत है तो किसानों को उनके धानों का पूरा मूल्य दिलवाएँ, बिचौलियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करें और ससमय किसानों से धान की खरीदारी करें. यदि इतना नहीं कर सकते तो झारखंड सरकार के मंत्रियों को केंद्र सरकार को कोसने का कोई अधिकार नहीं है. उन्हें राज्य की जनता ने जनादेश दिया है, वह राज्य के लिए काम करें.
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व सबसे बुजुर्ग व वरीष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा के निधन पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह खाद्य आपूर्ति एवं वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, विधायक दल नेता सह ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर शाहदेव एवं डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने गहरी संवेदना एवं दुख प्रकट किया है. मोतीलाल वोरा के निधन के समाचार की खबर सुनते ही झारखंड प्रदेश के कांग्रेस जनों में शोक की लहर व्याप्त हो गई.
अपने शोक संदेश में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि मोतीलाल वोरा जी के निधन से व्यक्तिगत रूप में मुझे गहरा सदमा लगा है ,उनके साथ एक युग का अंत हो गया, मुझे उन्हें करीब से जानने का मौका मिला था, उनका प्यार, मधुर स्वभाव और सरलता हमेशा याद आएगी, मोतीलाल वोरा जी का आकस्मिक निधन कांग्रेस परिवार और भारतीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है, उनके शोक संतप्त परिवार एवं उनके शुभचिंतकों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना एवं दुख प्रकट करता हूं तथा ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दे कांग्रेस विधायक दल नेता आलमगीर आलम ने कहा मोतीलाल वोरा के राजनीतिक जीवन में उनका कुशल नेतृत्व ,सरल व्यक्तित्व के धनी कांग्रेस पार्टी ने एक मजबूत स्तंभ और मजबूत इरादों वाले राजनीतिक शख्सियत को खो दिया है,हर नेता हर कार्यकर्ता को व्यक्तिगत तौर पर आज दुख महसूस हो रहा है.
कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने अपने शोक संदेश में कहा मोतीलाल वोरा जी कांग्रेस की विचारधारा के प्रति निष्ठा,समर्पण और धैर्य के प्रतीक थे, 92 साल की उम्र में भी वे हर मीटिंग में मौजूद रहते थे और हर निर्णय पर उन्होंने अपने विचार खुलकर प्रकट किया, आज दुख भरे दिल से उन्हें अलविदा कहते हुए यह महसूस हो रहा है कि परिवार के एक सबसे बड़े बुजुर्ग सदस्य हमारे बीच से चले गए. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा दो बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और 93 साल की उम्र में उनका निधन हो गया उनके निधन से कांग्रेस पार्टी ने अपना अभिभावक खो दिया है .
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि मोतीलाल वोरा कांग्रेस के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार माने जाने वाले और राजनीतिक सुचिता के लिए पहचाने जाने वाले महान नेता थे,कल ही उनका 93 वां जन्म दिवस मनाया गया था. उनके निधन से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गहरा दुख पहुंचा है जिसकी भरपाई आने वाले दिनों में संभव नहीं है.
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा पत्रकार से राजनीतिक और खेल तक में दिलचस्पी रखने वाले मोतीलाल वोरा कांग्रेस के सभी महत्वपूर्ण पदों में उन्होंने अपना योगदान दिया,गांधी परिवार से नजदीकी और पार्टी का उन पर भरोसा कभी कम नहीं हुआ .
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने कहा मोतीलाल वोरा कोरोनावायरस से संक्रमित हो गए थे और उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया था. मोतीलाल वोरा पार्षद से लेकर राज्य के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में कई विभागों के मंत्री, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष भी रहे. इसके पूर्व उनके निधन के समाचार मिलते ही झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में शोक प्रकट किया गया एवं दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया तथा कांग्रेस का झंडा पार्टी कार्यालय में झुका दिया गया.
शोक संवेदना प्रकट करने वालों में फिरोज रिजवी मुन्ना,जितेंद्र त्रिवेदी, दिनेश लाल सिन्हा, बुद्धि सागर तिर्की, बासील खलखो, रामानंद केसरी दामोदर प्रसाद तथा अन्य लोग शामिल थे.

