जेएनयू: जेएनयू में फीस वृद्धि के विरुद्ध आंदोलन के दौरान दृष्टिबाधित छात्र शशिभूषण को प्रताड़ित किया गया और उसके साथ मारपीट की गई. हद तो तब हो गई जब पुलिस वालों ने कहा कि अंधे हो तो आंदोलन में क्यों भाग लेते हो. यह भेदभाव का एक घृणित उदाहरण है तथा मानवाधिकार काउल्लंघन है. आज जब दिव्यांग कदम से कदम मिलाकर समाज और देश के साथ चलने का प्रयास कर रहे हैं ऐसे समय में ऐसी घटनाएं दिव्यांगजनों को हतोत्साहित करती है. झारखंड विकलांग जन फोरम इस घटना का भर्त्सना करती है और पुलिसकर्मियों की पहचान कर उन पर शीघ्र कार्रवाई की मांग करती है .
राष्ट्रीय विकलांग मंच के महासचिव अरुण कुमार सिंह ने भी घटना की निंदा करते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उचित कार्रवाई नहीं होती तो राष्ट्रीय विकलांग मंच राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगा.
झारखंड दिव्यांग अधिकार मंच के सदस्यों ने भी इस घटना की भर्त्सना करते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है.
by राहुल मेहता

