संवाददाता,
रांची : दुनिया में जितने आपसी झगड़े हुए है उसका 18 प्रतिशत, सड़क दुर्घटनाओं का 27 प्रतिशत, मिर्गी का 13 प्रतिशत मामला, लिवर के मामलों का 48 प्रतिशत, मुंह के कैंसर का 26 प्रतिशत, टीवी का 20 प्रतिशत, बड़ी आंख के कैंसर का 11 प्रतिशत वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के सर्वे रिपोर्ट का यह आंकड़ा है. यह सारी बीमारियां शराब पीने के कारण सामने आई है. इसलिए बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी पूर्ण शराबबंदी लागू होनी चाहिए. इसके लिए आप सभी प्रयास करें मैं आपके साथ हूं. युक्त बातें डिबडीह आयोजिय जनता दल यूनाइटेड के कार्यकर्ता सम्मेलन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कही. उन्होंने ने कहा कि बिहार सरकार को शराबबंदी से सालाना 5 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होता है पर हमनें इसकी चिंता नही की और शराबबंदी लागू कर दी.
नीतीश कुमार ने कहा इसके बाद भी बिहार का बजट नहीं घटा इस बार बिहार का बजट 2 लाख 5 हजार करोड़ रुपये था, जो पिछली बार से अधिक है. उन्होंने ने कहा कि शराबबंदी के पक्ष में 4 करोड़ लोगों ने बिहार में मानव श्रृंखला बनाई थी. इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था, झारखंड में भी जदयू शराबबंदी के मुद्दे को उठाए झारखंड में भी लोग जुटते जाएंगे और कारवां बन जाएगा.
उन्होंने कहा कि 2016 में सर्वे कराया था 2018 में रिपोर्ट आयी जिसमें पता चला की एक साल में 30 लाख लोगों की शराब से मौत होती है, जितनी मौत होती है उसका 3.5 प्रतिशत सिर्फ शराब से होती है. उन्होंने कहा कि पार्टी कितनी सीटों पर लड़ेगी यह प्रदेश स्तर के नेता तय करें. राष्ट्रीय स्तर पर इसकी मंजूरी मेरे तरफ से है. सम्मेलन को जदयू के उपाध्यक्ष प्रशान्त किशोर, संसदीय दल के नेता लालन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सलखन मुर्मू, संजय सहाय, अरुण कुमार सिंह, संजय झा आदि नेताओ ने संबोधित किया.

