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डीडीसी समेत उच्च अधिकारी से खेत मालिक ने किया शिकायत
पलामू: पलामू जिले के पांकी प्रखंड के हुरलौंग पंचायत के भरी गांव में मनरेगा योजना के तहत एक ही रात में जेसीबी मशीन से डोभा बना दिया गया. जिस जगह पर डोभा का निर्माण हुआ है वह दूसरे व्यक्ति का जमीन है.
डोभा के निर्माण कार्य की भनक न तो खेत मालिक को लगा और न ग्रामीणों को. जब कुछ लोग सुबह शौच करने के लिए गए तो डोभा देख लोग हैरान रह गए. जिनके खेत में डोभा का निर्माण किया गया है वे गांव पर नहीं रहते हैं.
ग्रामीणों ने मामले की सूचना खेत मालिक को दिया. उसके बाद खेत मालिक मामले की शिकायत बीडीओ , डीडीसी समेत अन्य संबंधित अधिकारियों से शिकायत किया है. जानकारी के अनुसार मनरेगा योजना के मनरेगा के तहत हुरलौंग पंचायत के भरी गांव में अजमत अंसारी के खेत में डोभा निर्माण कार्य की स्वीकृति हुआ है.
अजमत अंसारी ने अपना जमीन में डोभा बनाने की जगह दूसरे व्यक्ति अनिरुद्ध प्रसाद श्रीवास्तव के खेत खाता नंबर 19 और प्लॉट नं 138 में रात में जेसीबी मशीन लगाकर डोभा बना दिया.
इस कार्य में अजमत अंसारी समेत कई अन्य लोग भी शामिल है. जब इसकी भनक खेत मालिक अनिरुद्ध प्रसाद श्रीवास्तव को हुआ तो उन्होंने मामले की शिकायत आला अधिकारियों से किया. खेत मालिक के शिकायत के बाद रोजगार सेवक पंकज कुमार स्थल पर पहुंच मामले की जांच की.
जहां रोजगार सेवक ने बताया कि जेसीबी मशीन से डोभा का निर्माण हुआ है. जो अपराध है. किसी भी हाल में भुगतान नहीं होगा. डोभा का पैसा नहीं निकासी हुआ है. आगे भी नहीं होगा.
सवाल उठता है कि मनरेगा योजना में मशीन से कार्य नहीं करना है. लेकिन एक ही रात में लाखों की डोभा बना दिया वह भी दूसरे व्यक्ति के खेत में. यदि खेत मालिक इसका विरोध नहीं करता तो पैसा भी निकासी कर ली जाती.
सवाल यह भी उठता है कि डोभा खोदकर जमीन बर्बाद कर दिया इसका भरपाई कौन करेगा? वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि सरकार मजदूरों को गांव में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मनरेगा योजना की शुरुआत की है. मगर यहां तो मजदूरों के जगह मशीन लगाकर काम हो रहा है.
इस संबंध में उप विकास आयुक्त बिंदु माधव सिंह ने बताया कि उन्हें फोन के द्वारा दूसरे व्यक्ति के खेत में जेसीबी मशीन से डोभा खोदने की जानकारी मिला है.
मामले की जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि मनरेगा योजना में जेसीबी मशीन का उपयोग करना गैरकानूनी है.

