रांची : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने आज श्यामाप्रसाद मुख़र्जी बलिदान दिवस के अवसर पर प्रदेश कार्यालय में उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण किया. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में राष्ट्रीय एकात्मता के लिए बलिदान देने वाले डॉ मुखर्जी पहले बलिदानी थे. उन्होंने कहा कि एक देश मे दो विधान,दो प्रधान और दो निशान का प्रबल विरोध करते हुए उन्होंने कश्मीर में बिना परमिट के ही प्रवेश किया था, जहां उनकी गिरफ्तारी हुई और जेल में ही उन्होंने अंतिम सांस भी ली.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सत्तालोलुपता ने कश्मीर का दुष्चक्र धारा 370 लगाकर किया था उसे आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने समाप्त किया है. इस ऐतिहासिक निर्णय से आज कश्मीर विकास के पथ आगे बढ़ चला है. 70 वर्षों से वहां के वंचित दलित,आदिवासी मुख्य धारा से जुड़े है.
प्रखर राष्ट्रवादी थे डॉ मुखर्जी…..बाबूलाल मरांडी
रांची महानगर भाजपा कार्यालय में डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भाजपा के नेता विधायकदल पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी प्रखर राष्ट्रवादी विचारक थे। कांग्रेस की राष्ट्र विरोधी नीतियों का उन्होंने प्रारम्भ से प्रबल विरोध किया.
मरांडी ने कहा एक कुलपति और शिक्षाविद के रुप मे उनका शिक्षा जगत में अतुलनीय योगदान रहा वही उद्योग मंत्री के रूप में उन्होंने कई राष्ट्रीय धरोहर खड़े किये। उन्होंने कहा कि वे अद्वितीय प्रतिभा के धनी कुशल राजनेता थे।
डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी एक कुशल संगठनकर्ता थे…..धर्मपाल सिंह
भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कोकर मंडल द्वारा आयोजित बलिदान दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन भाजपा कार्यकर्ताओं के लिये प्रेरणा का दिन है। उन्होंने कहा कि डॉ मुखर्जी एक कुशल संगठनकर्ता थे जिन्होंने ने राष्ट्रीय विचारों से ओतप्रोत जनसंघ के रूप में जिस संगठन का बीजरोपन किया वही आज भाजपा के रूप में दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बना है। उन्होंने कहा कि ये सब हमारे महापुरुषों की प्रेरणा आदर्श और उनके राष्ट्रीय सोच का ही परिणाम है।
उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता ऐसे महापुरुष की प्रेरणा से माँ भारती की सेवा में जुटा हुआ है.
सिंह ने कहा कि हम सब आज भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में एक स्वावलम्बी,आत्मनिर्भर और मजबूत भारत बनाने का संकल्प लें.

