लोकसभा चुनाव में हार के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था. इस प्रकरण को एक महीना हो चुका है और राहुल गांधी भी अब इस बात पर अड़े हैं कि वो अब अध्यक्ष पद पर नहीं रहेंगे. इस स्थिति के बाद पूरे देश मे कांग्रेसियों ने राहुल को मनाने की हर सम्भव कोशिश की जो नाकाम रही. राहुल गांधी के मसले से झारखण्ड कांग्रेस में भी ऊहापोह का आलम है. वजह है विधानसभा का चुनाव. झारखण्ड कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राजेश ठाकुर ने इस मसले पर साफ कहा है कि जल्द इस प्रकरण का निराकरण होना चाहिए.
राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष पद पर नहीं रहने की बात से कांग्रेस उबर नहीं पा रही है. हाल में ही यूथ कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने राहुल से मुलाकात की थी, जिसमें झारखण्ड से यूथ कांग्रेस के नेता राजेश सिन्हा सन्नी भी मौजूद थे. इन्होंने बताया कि सबने राहुल गांधी को पार्टी का नेतृत्व करते रहने का आग्रह किया था. यूथ कांग्रेस के नेता राजेश सिन्हा भी यही मानते हैं कि स्थिति जल्द स्पष्ट होना कांग्रेस के लिए बेहतर होगा.
झारखण्ड में एक ओर प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पार्टी दो गुटों में बंटी हुई है, दूसरी ओर राहुल गांधी के प्रकरण ने झारखण्ड कांग्रेस के नेताओं कार्यकर्ताओं को पशोपेश में डाल दिया है. ऐसे में झारखण्ड के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बैक फुट पर नजर आ रही है.

