गुमला: सूचना आयोग के निर्देश के बावजूद भी सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराने के मामले को कार्यवाहक मुख्य सूचनायुक्त हिमांशु शेखर चौधरी के द्वारा गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य निदेशालय, झारखण्ड के जन सूचना पदाधिकारी (पीआईओ) को दण्ड लगाने का कारण-पृच्छा नोटिस भेजा.
जानकारी के अनुसार जिले के आरटीआई कार्यकर्ता आनन्द किशोर पण्डा के द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत स्वास्थ्य निदेशालय के जन सूचना पदाधिकारी से राज्य के विभिन्न जिलों में कार्यरत एमपीड्ब्युओं का सेवा नियमितिकरण की अधत्तन स्थिती की मांग किया गया था. जो उन्हें सूचना आयोग के नोटिस पत्रांक – 9625, दिनांक 11-07-2019 में सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश के बावजद भी उपलब्ध नही कराई गई जबकी 28-01-2020 की आयोग सुनवाई के पूर्व ही आवेदक को सूचनाएं उपलब्ध कराकर जन सूचना पदाधिकारी को आयोग की उक्त सुनवाई में अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित करनी थी.
दिनांक 28-01-2020 की सुनवाई में निदेशालय के जन सूचना पदाधिकारी न तो उपस्थित हुए और ना ही आवेदक को किसी तरह का कोई भी सूचनाएं भेजने का प्रमाण आयोग को भेजे जिसे कार्यवाहक मुख्य सूचनायुक्त के गंभीरता से लेते हुए कारण-पृच्छा नोटिस जारी किया गया.

